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CG शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल, रायपुर समेत चार जिलों के DEO को नोटिस; शासन के आदेश की खुली अवहेलना

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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के संलग्नीकरण पर शासन की रोक के बावजूद रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और जांजगीर-चांपा में नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 31 May 2026 10:39:25 AM (IST)Updated Date: Sun, 31 May 2026 10:39:25 AM (IST)

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की अटैचमेंट पर सख्ती बेअसर(प्रतीकात्मक फोटो)

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में स्थानांतरण और संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पर शासन की सख्त रोक के बावजूद कई जिलों में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार ने जून 2025 में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से संलग्नीकरण की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद कुछ जिला शिक्षा अधिकारियों पर शासन की स्थानांतरण नीति को नजरअंदाज करते हुए शिक्षकों और प्राचार्यों को मनमाने ढंग से विभिन्न प्रशासनिक पदों और कार्यालयों में संलग्न करने के आरोप लगे हैं।

मामले की शिकायत मिलने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और जांजगीर-चांपा के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा है।

रायपुर में प्राचार्य को प्रशासनिक पद पर किया गया संलग्न

शिकायत के अनुसार रायपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने जिला मिशन समन्वयक के साथ मिलकर धरसींवा विकासखंड के कुंरा स्थित पीएम श्री सेजेस उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य शिरीष तिवारी को सहायक जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा), रायपुर के पद पर संलग्न कर दिया। आरोप है कि यह कार्रवाई बिना शासनादेश तथा विभागाध्यक्ष या सचिव स्तर की स्वीकृति के की गई। नियमों के अनुसार आत्मानंद और पीएम श्री विद्यालयों के कर्मचारियों को अन्यत्र संलग्न करने का अधिकार केवल राज्य शासन के पास है।

धमतरी से रायपुर तक कुछ घंटों में हुआ स्थानांतरण

धमतरी के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल पर भी नियमों की अनदेखी का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार प्राचार्य अजय देशपांडेय को ज्वाइनिंग के कुछ ही घंटों बाद धमतरी से कार्यमुक्त कर रायपुर स्थित समग्र शिक्षा कार्यालय भेज दिया गया। वहां उन्हें पीएमश्री योजना का प्रभार सौंपा गया। जबकि राज्य की 5 जून 2025 की स्थानांतरण नीति के तहत सभी प्रकार के संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए थे। इस मामले में भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बलौदाबाजार में बड़ी संख्या में शिक्षकों का संलग्नीकरण

बलौदाबाजार के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे के खिलाफ शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने जिले के 20 से 25 व्याख्याताओं, शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को एक विकासखंड से दूसरे विकासखंड में संलग्न किया। इसके अलावा जिला पुस्तकालय में एक प्रधान पाठक और तीन सहायक शिक्षकों की भी संबद्धता की गई। शिकायत में कौशिक मुनी त्रिपाठी, ऋतु शुक्ला, अरुण वर्मा, एम. ब्रम्हाणी और जहीर अब्बास सहित अन्य व्याख्याताओं को मूल पदस्थापना स्थल से हटाकर विभिन्न कार्यालयों में भेजने का उल्लेख किया गया है। इस मामले में भी विभाग ने जवाब तलब किया है।

जांजगीर-चांपा में शिक्षक को सौंपा राजपत्रित पद का प्रभार

जांजगीर-चांपा के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अमोरा के शिक्षक संजय सिंह राठौर को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बम्हनीडीह में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) जैसे राजपत्रित पद का प्रभार सौंप दिया। विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता माना है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।

शिक्षक संघ ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के संगठन मंत्री एवं शिक्षाविद ओंकार सिंह ने कहा कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से शिक्षकों के संलग्नीकरण पर रोक लगाई है, तब ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है और शासन के निर्देशों की भी अवहेलना होती है।

कार्रवाई होगी शासन के आदेशों का उल्लंघन और इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्रवाई करेंगे।

– गजेंद्र यादव, मंत्री, स्कूल शिक्षा



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