दिल्ली में बैठे ‘दिमागी नक्सल’, कांग्रेस पर सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को रायपुर में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त हो गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब दिल्ली में बैठ गए हैं। उन्होंने यह टिप्पणी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने राहुल गांधी, कांग्रेस और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित उठाए जा रहे सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
त्रिवेदी ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बताया, जो तेजी से एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का यह सशक्तिकरण दुनिया की कई ताकतों को रास नहीं आ रहा है। इन्हीं ताकतों द्वारा देश में विभिन्न प्रकार के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य देश की प्रगति को बाधित करना है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जब भी कोई फैसला उनकी इच्छा के अनुरूप नहीं होता, तो उनका व्यवहार तुरंत सामने आ जाता है। उन्होंने राहुल गांधी के ऐसे आचरण पर सवाल उठाए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति असंतोष को दर्शाता है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए त्रिवेदी ने विस्तृत प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तीन बार घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए राजनीतिक दल भी अपने एजेंट नियुक्त करते हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे बताया कि देशभर में ऐसे एजेंटों की संख्या लगभग 22 लाख है। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वह अपने ही कार्यकर्ताओं और उनके द्वारा निभाई गई भूमिका पर संदेह कर रही है? त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि जिला और प्रदेश स्तर के कांग्रेस नेताओं ने निर्धारित समय पर मतदाता सूची से संबंधित कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा पर प्रकाश डालते हुए त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित हुए अभी केवल 15 दिन ही हुए हैं, जबकि आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 45 दिन का पर्याप्त समय दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस को यह तय करने की चुनौती दी कि क्या उसे इस निर्धारित अवधि का इंतजार करना चाहिए या फिर देश में भ्रामक प्रचार फैलाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती थी और अब वह मतदाता सूची पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एकमात्र मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाना है।
त्रिवेदी ने कांग्रेस की नीतियों की तुलना करते हुए कहा कि अंग्रेजों की नीति ‘बांटो और राज करो’ की थी, जबकि कांग्रेस ‘बांटो और बर्बाद करो’ की नीति पर चल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस देश को विभाजित कर उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है।




