
गौरीशंकर गुप्ता /रायगढ़ : रायगढ़ शहर के भगवानपुर रोड पर करोड़ों रुपये कीमत की सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा और निर्माण का मामला सामने आया है। लगभग 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण की शिकायत पर तहसीलदार ने तत्काल टीम भेजी और सख्त चेतावनी जारी की कि सरकारी भूमि खाली न करने पर बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा।
निर्माण का खुलासा
भगवानपुर रोड एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन शहरी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आती है। स्थानीय निवासियों की शिकायत थी कि पिछले कुछ महीनों से यहां बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई और निर्माण कार्य चल रहा था। जमीन माफिया ने रातोंरात दीवारें, गेट और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर लीं। अनुमान है कि इस जमीन की बाजार मूल्य 5-7 करोड़ रुपये से अधिक है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माणकर्ता ने जमीन पर भारी मशीनरी लगाकर कब्जा मजबूत करने की कोशिश की। यह क्षेत्र रायगढ़ शहर के मध्य में स्थित है, इसलिए इस कब्जे से आसपास के ट्रैफिक और विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। शिकायत मिलते ही तहसीलदार ने राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके का निरीक्षण किया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
तहसीलदार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 48 घंटों के अंदर निर्माण पूरी तरह हटाना होगा। टीम ने नोटिस जारी कर निर्माण को अवैध घोषित किया और जमीन के खसरा नंबर के आधार पर मालिकाना हक साबित करने को कहा। तहसीलदार ने कहा, “यह शासकीय भूमि है। कोई भी निजी व्यक्ति या संगठन कब्जा नहीं कर सकता। बुलडोजर की तैयारी पूरी है।”
प्रशासन ने जमीन की ड्रोन मैपिंग भी शुरू कर दी है, ताकि सटीक माप और सबूत मिल सकें। स्थानीय एसडीएम ने जिला कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी है, जो आगे की कार्रवाई का फैसला लेंगे। पुलिस ने क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
माफिया का पुराना इतिहास
रायगढ़ जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जा कोई नई समस्या नहीं। पिछले वर्षों में कोतमा, खरसिया और पुसौर क्षेत्रों में भी ऐसे मामले सामने आए, जहां करोड़ों की जमीनों पर अवैध कॉलोनियां बसाई गईं। भगवानपुर रोड पर यह दूसरा बड़ा मामला है—2024 में भी इसी सड़क पर 10 हजार वर्गफीट पर कब्जा हटाया गया था।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि निर्माणकर्ता जिले के प्रभावशाली बिल्डर हैं, जिनका राजनैतिक संरक्षण भी है। हालांकि प्रशासन ने नाम उजागर नहीं किए। जिला कलेक्टर ने कहा कि ऐसे कब्जे छत्तीसगढ़ सरकार के ‘नो टॉलरेंस’ नीति के विरुद्ध हैं।
यह कब्जा भगवानपुर रोड के व्यावसायिक विकास को रोक रहा था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि नई सड़क चौड़ीकरण योजना प्रभावित हो रही थी। निवासी प्रतिभा साहू ने कहा, “हमारी शिकायतें अनसुनी हो रही थीं। अब कार्रवाई से राहत मिलेगी।”
प्रशासन ने अब जिले भर में ‘भूमि बचाओ अभियान’ चलाने का फैसला लिया है। सभी तहसीलों को निर्देश हैं कि सरकारी जमीनों का सत्यापन करें। ड्रोन सर्वे और जीपीएस मैपिंग से कब्जों का पता लगाया जाएगा। निर्माणकर्ता पर एनडीपीएस एक्ट और भूमि हड़पने के तहत केस दर्ज होगा।
रायगढ़ कलेक्टर ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों में सीधे बुलडोजर चलेगा। यह घटना जिले के लिए सकारात्मक संदेश है—अब माफिया को चुनौती मिली है।




