रायगढ़ में साइकिल वितरण पर बवाल: भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष हिरासत में, गुणवत्ता पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक स्थित शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में छात्राओं को बांटी जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि साइकिल पर 'हीरो' लिखा है, जबकि स्टीकर 'कावेरी' का है और यह बच्चों के साथ धोखा है। बिल और रसीद दिखाने की मांग को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। स्कूल प्राचार्य की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध कर रहे रवि भगत को घसीटकर हिरासत में ले लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण का कार्यक्रम उस समय हंगामे में बदल गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने साइकिलों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। यह घटना लैलूंगा ब्लॉक के शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में मंगलवार को हुई, जहां सात छात्राओं को साइकिलें वितरित की जानी थीं।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। इसी दौरान रवि भगत वहां पहुंचे और उन्होंने साइकिलों का निरीक्षण करते हुए उनकी गुणवत्ता पर आपत्ति जताई। भगत का आरोप था कि साइकिलों पर ‘हीरो’ कंपनी का नाम लिखा है, जबकि उन पर ‘कावेरी’ कंपनी का स्टीकर लगा हुआ है। उन्होंने इसे बच्चों के साथ अन्याय और धोखाधड़ी बताते हुए साइकिलों के बिल और रसीद दिखाने की मांग की, ताकि उनकी वास्तविक कीमत का पता चल सके।
रवि भगत ने विरोध करते हुए कहा कि बच्चों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि गरीब बच्चों का हक न मारा जाए और उनके खातों में सीधे पैसे डाले जाएं ताकि वे अपनी पसंद की अच्छी साइकिल खरीद सकें। उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों को सच के लिए बोलने और अपने हक के लिए लड़ने की शिक्षा दी जाती है, लेकिन यहां उन्हें घटिया सामान देकर उनके हक से दूर किया जा रहा है।
स्थिति को बिगड़ता देख स्कूल के प्राचार्य ने रवि भगत को समझाने का प्रयास किया कि ये साइकिलें शासन की योजना के तहत वितरित की जा रही हैं और उनकी खरीद शासन स्तर पर हुई है। हालांकि, रवि भगत अपनी मांग पर अड़े रहे और स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने उच्चाधिकारियों को बुलाने और गुणवत्ताविहीन साइकिलों का वितरण न करने देने की बात कही।
प्राचार्य ने तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस थाने में दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रवि भगत को हिरासत में लेने का प्रयास किया। रवि भगत ने हिरासत का भी विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घसीटकर गाड़ी में बिठाया और थाने ले गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस मामले पर लैलूंगा के जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलें बांटी जा रही थीं। उन्होंने कहा कि जिन्हें विरोध करना है, वे तो करेंगे ही। वहीं, लैलूंगा के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रवि सारथी ने बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दे दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइकिलों की खरीद शासन स्तर पर की गई है और ये सरकारी योजना के तहत वितरित की जानी थीं। उन्होंने बताया कि आज 7 साइकिलें बांटी जानी थीं, जिस पर रवि भगत ने विरोध किया और उसके बाद प्राचार्य ने थाने में सूचना दी। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।




