छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: 4 की मौत, 5 घायल; नदियां उफान पर
छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया है, जिससे 4 लोगों की जान चली गई और 5 घायल हो गए। मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर जिलों में खेत में काम करते समय किसान बिजली की चपेट में आ गए। लगातार बारिश के कारण कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। गरियाबंद में एक युवक उफनते नाले में बहने से बाल-बाल बचा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से जारी भारी बारिश और खराब मौसम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 अन्य घायल हुए हैं।
पहला दुखद हादसा मनेंद्रगढ़ जिले के खड़गवां ब्लॉक के शिवपुर गांव में हुआ, जहां खेत में कृषि कार्य कर रहे 3 ग्रामीण बिजली की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 5 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इसी तरह की एक अन्य घटना सूरजपुर जिले के नमदगीरी गांव में सामने आई, जहां 35 वर्षीय किसान विनय देवांगन खेत में काम करते समय अचानक गिरी बिजली का शिकार हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
राज्य में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई नदियां और नाले उफान पर हैं। गरियाबंद जिले के छिन्दोला-आमामोरा मार्ग पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। खोलापारा नाला खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसी दौरान एक बाइक सवार ने नाले को पार करने का जोखिम उठाया, लेकिन वह पानी के तेज बहाव में गिर गया। हालांकि, वहां मौजूद अन्य लोगों की सजगता से उसे बहने से बचा लिया गया। जलभराव के कारण आमामोरा, ओढ़, कुकरार और नगरार जैसे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सारंगढ़-बरमकेला में भी एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां लाट नाले में एक कार बह गई थी। इस कार में सवार पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के असर के कारण छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों तक मौसम बिगड़े रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इस बीच, सोमवार दोपहर को राजधानी रायपुर में भी तेज बारिश दर्ज की गई।
पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। हालांकि, प्रदेश में अब तक मानसून की बारिश सामान्य से 21% कम दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय है। तापमान की बात करें तो पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी रायपुर में आज (28 जुलाई) के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का अनुमान है।




