कंधे पर बाइक, जान हथेली पर: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, कई गांव कटे, बांधों के गेट खुले
छत्तीसगढ़ में बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेशभर में विकट स्थिति पैदा कर दी है। सूरजपुर से लेकर बीजापुर तक, नदियां अपने पूरे उफान पर हैं, जिससे दर्जनों ग्रामीण इलाकों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। इस जलप्रलय के बीच ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर आवश्यक सामान और राशन के लिए उफनती नदियों को पार करने को विवश हैं। कई जगहों पर उन्हें अपनी बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करते देखा जा रहा है, जो मौजूदा गंभीर हालात की बानगी पेश करता है।
सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र में बरगा नदी के उफान पर होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है। यहां के निवासियों के लिए आवागमन एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी बीच, कोरबा जिले में मिनीमाता बांगो बांध में जलभराव तेजी से बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने बांध के गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ने का अलर्ट जारी किया है। इस कदम से नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की आशंका है, जिसके मद्देनजर एहतियाती तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बीजापुर जिले की छिन्नकवाली पंचायत के अंतर्गत आने वाले पांच गांव – गुड्डीपाल, कंदुलनाट, आदेड, रालापाल और चिन्नाकवाली – बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं और उनका मुख्य सड़क से संपर्क टूट चुका है। इन गांवों के निवासियों को राशन और अन्य जरूरी सामान लेने के लिए उफनती नदियों को पार करने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। पूरे प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में बीते 24 घंटे में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। वहीं, रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप केलो डैम के चार गेट खोलने पड़े। बेलदुला रपटा पुल पर भी पानी चढ़ने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। इससे पहले, शहर में हुई तेज बारिश के कारण पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड नंबर-18 के कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया था, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तापमान की बात करें तो, प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड और राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, इन भारी बारिश के बावजूद, छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पूरे प्रदेश में एक समान नहीं है। 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 22% कम बारिश (348.5 मिमी) दर्ज की गई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 444.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। प्रदेश अभी भी सामान्य से कम वर्षा की श्रेणी में बना हुआ है।