जलकुंभी का कहर: भिलाई में आज भी पानी की किल्लत, शिवनाथ नदी बनी चुनौती
भिलाई नगर निगम क्षेत्र के निवासियों को आज पानी की आपूर्ति में फिर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शिवनाथ नदी के इनटेक वेल में भारी मात्रा में जलकुंभी और कचरा जमा होने के कारण सायफन बार-बार चोक हो रहा है, जिससे जलशोधन संयंत्रों का संचालन बाधित हो रहा है। बुधवार को कई बार हुई इस रुकावट के बाद, गुरुवार को भी पानी की सप्लाई में देरी या समय परिवर्तन की संभावना है।
भिलाई में आज नागरिकों को एक बार फिर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। शिवनाथ नदी के इनटेक वेल में भारी मात्रा में जलकुंभी और कचरा जमा होने के कारण शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बुधवार को कई बार जलशोधन संयंत्रों का संचालन रोकना पड़ा, जिसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ा और आज भी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
नगर निगम के अनुसार, शिवनाथ नदी से लगातार बहकर आ रही जलकुंभी और कचरे ने इनटेक वेल में पानी लेने की प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। इस अवरोध के चलते पानी खींचने वाला सायफन बार-बार चोक हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप 77 एमएलडी और 66 एमएलडी क्षमता वाले दोनों महत्वपूर्ण जलशोधन संयंत्रों का संचालन कई घंटों तक बाधित रहा, जिससे तय समय पर पानी का शोधन संभव नहीं हो सका। इसका असर बुधवार की दूसरी पाली की पानी सप्लाई पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया।
बुधवार को दिनभर सायफन के बार-बार चोक होने का सिलसिला जारी रहा। पहली बार सुबह 6:56 बजे से 7:57 बजे तक पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। इसके बाद 8:17 बजे से 9:15 बजे, और फिर 9:28 बजे से 11:05 बजे तक सायफन बंद रहा। दोपहर में भी 2:02 बजे से 2:55 बजे और 3:52 बजे से 4:45 बजे तक यही स्थिति बनी रही। शाम 6:30 बजे तो सायफन एक बार फिर चोक हो गया, जिसे सामान्य करने में निगम की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नगर निगम के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिवनाथ नदी में इस समय जलकुंभी और कचरे की मात्रा बहुत अधिक है। इसे हटाने के लिए गोताखोर लगातार अथक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पानी में फैली इस विशाल जलकुंभी और कचरे के कारण सफाई का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। यही वजह है कि सायफन को बार-बार चालू करने में भी अधिक समय लग रहा है और व्यवस्था सामान्य होने में लगातार देरी हो रही है।
नगर निगम ने गुरुवार को सभी ओवरहेड टंकियों (ओएचटी) तक पानी पहुंचाने का पूरा प्रयास करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, यदि जलशोधन संयंत्रों का संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया, तो शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई निर्धारित समय से देर से हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति का समय आगे-पीछे होने की भी संभावना है, जिससे नागरिकों को धैर्य रखने की अपील की गई है और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।