रायपुर: गाय से टकराकर गिरे युवक को कार ने कुचला, मौत; गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ गया करण, आरोपी फरार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। रविवार को खम्हारडीह थाना क्षेत्र के कछना के पास सड़क पर खड़ी एक गाय से टकराकर बाइक सवार दो युवक नीचे गिर पड़े। तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने दोनों को रौंद दिया और मौके से फरार हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय करण नायक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी रोशन जगत गंभीर रूप से घायल हो गया है और फिलहाल आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
यह हादसा चंद्रशेखर नगर की एक गरीब बस्ती के लिए वज्रपात बनकर आया है। करण नायक अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। मात्र 15 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद उसने परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। कभी हमाली तो कभी दिहाड़ी मजदूरी करके उसने अपने परिवार का पेट पाला। पिछले दो साल से वह ड्राइवर की नौकरी कर रहा था, जिसकी कमाई से मां, पत्नी और पूरे परिवार का खर्च चलता था। परिवार के पास करण की एक भी तस्वीर नहीं है, जो उसकी संघर्षपूर्ण जिंदगी की हकीकत बयां करती है।
दो साल पहले करण ने नंदिनी से प्रेम विवाह किया था। अब नंदिनी 7 महीने की गर्भवती है और अपने पति का इंतजार कर रही है, जिसे यह खबर भी नहीं है कि उसके पति ने दुनिया छोड़ दी है। करण आने वाले बच्चे के लिए बड़े सपने संजोए हुए था। वह हर महीने कुछ पैसे अलग से जोड़ता था ताकि बच्चे के लिए कपड़े खरीद सके, अस्पताल का खर्च उठा सके और उसे अच्छी शिक्षा दे सके। वह अक्सर कहता था कि ‘बस थोड़ा और संभल जाएं, फिर मां को आराम दूंगा, बच्चे को अच्छी जिंदगी दूंगा।’ रविवार रात की घटना ने उसके इन सभी सपनों को कुचल दिया।
हादसे को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक अज्ञात कार चालक की पहचान नहीं कर पाई है। परिजनों का आरोप है कि घटना की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है। मोहल्ले के लोगों ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने केवल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार केवल सांत्वना नहीं, बल्कि उस शख्स तक पहुंचना चाहता है जिसकी लापरवाही ने उनके घर का चिराग बुझा दिया और उनके परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और पहचान होने पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण हो रही मौतों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने हाल ही में पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा था कि क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है? उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सड़क हादसों में लगातार हो रही वृद्धि पर नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला कलेक्टरों से शपथ पत्र भी मांगा है। पिछले एक साल में छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों में 6,967 लोगों की मौत हुई है, जो इस गंभीर समस्या को उजागर करता है। करण की मौत उसी अनदेखी का एक और दुखद परिणाम है।