Uncategorized

Nepal-China Ties: चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मिले नेपाली पीएम ओली, भारत-चीन लिपुलेख व्यापार मार्ग पर की चर्चा

15 अगस्त विज्ञापन


नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को तियानजिन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान पीएम ओली ने भारत और चीन के बीच लिपुलेख को व्यापार मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने के समझौते पर आपत्ति जताई। पीएम ओली के सचिवालय ने यह जानकारी दी।

नेपाल लिपुलेख को अपना क्षेत्र बताता है, जबकि भारत इस दावे को खारिज किया है। भारत का कहना है कि यह ‘न तो उचित है और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित।’ ओली के सचिवालय ने विदेश सचिव अमृत राय के हवाले से एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री ओली ने स्पष्ट रूप से भारत-चीन समझौते पर आपत्ति जताई, जिसमें नेपाल की भूमि लिपुलेख को व्यापार मार्ग के तौर पर शामिल किया गया है।’

चीन की ओर से आपत्ति पर नहीं आई कोई प्रतिक्रिया

बयान में पीएम ओली के हवाले से कहा गया कि नेपाल को विश्वास है कि इस मामले में चीन उसका सहयोग करेगा। हालांकि, चीन की ओर से ओली की आपत्ति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। चीनी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में भी इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया गया। पीएम ओली के सचिवालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

ये भी पढ़ें: Egypt Train Derail: मिस्र में यात्री ट्रेन पटरी से उतरी, तीन लोगों की मौत; 94 से ज्यादा घायल

पीएम ओली ने इन मुद्दों को उठाया

चीन में स्थित नेपाली दूतावास द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पीएम ओली ने पहले से तय परियोजनाओं, जिनमें चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) भी शामिल है, को तेजी से लागू करने की उम्मीद जताई। उन्होंने खाद, पेट्रोलियम, खनन, मानव संसाधन विकास, जलवायु अनुकूलता और लोगों के आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का अनुरोध किया।

जिनपिंग ने रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम ओली के साथ वार्ता के दौरान कहा कि चीन-नेपाल सहयोग स्थिरता से आगे बढ़ रहा है और दोनों देशों की जनता एक-दूसरे के और करीब आ रही है। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और एक-दूसरे के अहम मुद्दों पर दृढ़ समर्थन करना चाहिए। उन्होंने उद्योग, कृषि, पशुपालन, नई ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, तेल-गैस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।

ये भी पढ़ें: Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मरने की अफवाह, सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ ‘ट्रंप डेड’; सेहत पर भी बात

नेपाल-चीन संबंध मजबूत हुए: ओली

बयान में पीएम ओली के हवाले से कहा गया कि नेपाल-चीन संबंध समय की विभिन्न चुनौतियों से गुजरकर और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान और भरोसा किया है। चीन के साथ सहयोग ने नेपाल के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाई है।



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!