खैरागढ़ में बाढ़ के हालात, VIDEO: नहाते समय नाले में बहा युवक, खोजबीन जारी; जनप्रतिनिधि बोले- बिना चेतावनी बैराज से पानी छोड़ा – Khairagarh News

खैरागढ़ में बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की स्थिति बन गई है।
खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले में एक युवक नाले में बह गया। इतवारी बाजार क्षेत्र में शीतला मंदिर के पास अमित यादव (20 साल) अपने दोस्तों के साथ नहा रहा था। मंदिर की छत से कूदकर खेलते समय वह पानी की तेज धार में बह गया। उसके साथ दो अन्य युवक भी बहे थे। वे कि
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26 जुलाई की शाम घर न लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने रातभर खोजबीन की, पर सफलता नहीं मिली। SDRF की टीम रविवार सुबह से सर्च ऑपरेशन चला रही है। अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। बता दें कि प्रधान पाठ बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खैरागढ़ में बाढ़ जैसे हालात बन गए है।
नाले में बहे युवक की तलाश जारी है।
घर का इकलौता बेटा था अमित
अमित यादव अपने परिवार का इकलौता बेटा था। कुछ महीने पहले उसके पिता का निधन हुआ था। वह तीन बहनों और मां का एकमात्र सहारा था। घर में मातम पसरा है। मां बेसुध हैं और बहनें सदमे में हैं।

नहाते समय नाले में बह गया अमित यादव (20 साल)
निकासी मार्ग पर अवैध कब्जा
स्थानीय लोगों का कहना है कि खैरागढ़ में बाढ़ की समस्या पिछले कई साल से है। शहर में नाले और नदियों पर सालों से अतिक्रमण है। शहरी सीमा के अंदर पानी निकासी मार्गों पर कब्जे कर लिए गए हैं। इससे बाढ़ के पानी को निकलने का रास्ता नहीं मिलता। नतीजतन, हर साल बारिश आते ही शहर जलमग्न हो जाता है।
बिना चेतावनी छोड़ा गया पानी
घटना के बाद विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के प्रधान पाठ बैराज से अचानक पानी छोड़ा गया, जिससे खैरागढ़ शहर और आसपास के गांवों में बाढ़ के हालात बन गए है।
उनका कहना था कि बिना चेतावनी पानी छोड़ना जनता की जान से खिलवाड़ है। पिछले साल के बाढ़ पीड़ित आज तक मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जमीन पर कुछ नहीं।



