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‘जनता का श्राप बड़े-बड़ों का गुरूर तोड़ देता है…’, छत्तीगढ़ में महिला विधायक ने अफसरों पर निकाली भड़ास

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। बलरामपुर जिले में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी लगातार खुलकर सामने आ रही है। उद्धेश्वरी पैकरा के बाद अब शकुंतला सिंह पोर्ते ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर शासकीय मंच से तीखी नाराजगी जताई है।

क्या है मामला

वाड्रफनगर जनपद क्षेत्र के ग्राम गुडरू में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में विधायक पोर्ते राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर जमकर बरसीं। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि छोटे-छोटे कामों के लिए उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है और कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने मंच से कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी या कोई भी अधिकारी यह न सोचे कि परीक्षा पास कर लेने के बाद वह जनता से ऊपर हो गया है। उन्होंने कहा कि पद का गुरूर नहीं होना चाहिए और जनता की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा, “जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब कोई ग्रामीण सुबह घर से निकलकर बस में बैठकर कार्यालय पहुंचता है और दिनभर इंतजार के बाद भी उसका काम नहीं होता, तो वह निराश होकर लौटता है। विधायक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में जाकर काम करने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की नसीहत दी।

उन्होंने विशेष रूप से जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और पट्टा जैसे राजस्व मामलों के लंबित रहने पर नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि ग्रामीण लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समय पर समाधान नहीं मिल रहा है।

बलरामपुर जिले में यह दूसरा मौका

बलरामपुर जिले में यह दूसरा मौका है जब किसी विधायक की नाराजगी प्रशासनिक व्यवस्था पर सार्वजनिक रूप से सामने आई है। इससे पहले सामरी क्षेत्र की विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम और तहसीलदार की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को हटाने की मांग की थी। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर से उनकी बातचीत का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था।

अब प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। लगातार दो विधायकों की सार्वजनिक नाराजगी के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर ग्रामीण भी खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ से बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी होगी तेज, ‘क्विट इंडिया’ नोटिस जारी; STF की होगी समीक्षा बैठक



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