कबरा हाथी का आतंक जारी: सरगुजा-सूरजपुर सीमा पर दो और लोगों को कुचला, 6 माह में 14 मौतें

छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर रविवार शाम एक हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई। यह घटना कल्याणपुर-अखोरा मार्ग और अखोरा गांव में हुई, जहां कबरा नामक हाथी ने दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों को कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है, क्योंकि यह हाथी पिछले छह महीने में अब तक 14 लोगों की जान ले चुका है।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले का रहने वाला विश्वनाथ रविवार को अपने भतीजे बलदेव के साथ बाइक से अपनी बहन के घर अखोरा आया था। शाम करीब 5: 30 बजे दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अखोरा-कल्याणपुर मुख्य मार्ग पर उनका सामना कबरा हाथी से हो गया। हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया।
हाथी के हमले के दौरान, बलदेव किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा। उसने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। वहीं, हाथी ने विश्वनाथ को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विश्वनाथ बांटीडांड पहाड़ी कोरवा आश्रम में प्यून के पद पर कार्यरत था। हाथी के जाने के बाद बलदेव ने गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि घटना के समय विश्वनाथ और बलदेव दोनों शराब के नशे में थे।
इसी बीच, अखोरा गांव में हाथी ने एक अन्य ग्रामीण मानदेव यादव को भी कुचलकर मार डाला। मानदेव खेत में घास काटने गया था। देर शाम उसका शव खेत में पड़ा मिला। आशंका जताई जा रही है कि शाम के समय हाथी खेत से गुजरा था और इसी दौरान उसने मानदेव को दौड़ाकर कुचल दिया। यह पूरा मामला सूरजपुर वन परिक्षेत्र का है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कबरा हाथी नामक यह जंगली जानवर पिछले छह महीने से इस क्षेत्र में सक्रिय है और लगातार लोगों पर हमला कर रहा है। रविवार को हुई इन दो मौतों से पहले, यह हाथी पिछले छह महीने में 12 लोगों की जान ले चुका था। इन दो नई घटनाओं के साथ, कबरा हाथी के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
हाथी की लगातार मौजूदगी और उसके जानलेवा हमलों के कारण पूरे इलाके के ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। लोग शाम के समय घरों से निकलने से कतरा रहे हैं और वन विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।



