शहर की मास्टर प्लान सड़कें अतिक्रमण से सिकुड़ीं, 120 फीट की सड़क 60 फीट तक सिमटी

शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मास्टर प्लान में प्रस्तावित सड़कों का चौड़ीकरण अतिक्रमण के कारण बाधित हो गया है। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शहर के कई प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने की योजना तैयार की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकांश जगहों पर यह कार्य प्रस्तावित चौड़ाई के अनुरूप पूरा नहीं हो सका है। निगम द्वारा कुछ स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं, लेकिन इन पर आगे कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिसका परिणाम शहर में प्रतिदिन लगने वाले ट्रैफिक जाम के रूप में सामने आ रहा है।
इस समस्या का एक बड़ा उदाहरण वसंत विहार चौक से दयालबंद पुल तक का 1.5 किलोमीटर लंबा मार्ग है। मास्टर प्लान के तहत इस सड़क की चौड़ाई 120 फीट प्रस्तावित है। वर्तमान स्थिति यह है कि वसंत विहार से हाईमास्क लाइट तक सड़क 120 फीट चौड़ी है, लेकिन इसके आगे मकानों और दुकानों के कारण अतिक्रमण है, जिससे सड़क की चौड़ाई घटकर 60 फीट रह गई है। दयालबंद पुल की ओर बढ़ने पर यह सड़क 80 फीट की हो जाती है। नगर निगम ने इस मार्ग पर लगभग 50 लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन आज तक चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। इस पूरे खंड में केवल वसंत विहार चौक से हाई मास्ट लाइट तिराहा तक ही अतिक्रमण हटाया गया और सड़क को 120 फीट चौड़ा किया जा सका।
नगर निगम के सर्वेक्षण के अनुसार, वसंत विहार से दयालबंद पुल तक की इस सड़क पर 50 से अधिक लोगों का कब्जा है, जिनमें कुछ स्थायी और कुछ अस्थायी अतिक्रमण शामिल हैं। इन कब्जों के कारण ही सड़क अपने प्रस्तावित आकार में नहीं आ पा रही है, जिससे यातायात सुचारु रूप से नहीं चल पाता।
शहर के बाहरी (आउटर) क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का भी खाका तैयार किया गया है, लेकिन वे भी अतिक्रमण की चपेट में हैं। सकरी रेलवे क्रॉसिंग के बाद सड़क को 120 फीट से बढ़ाकर 200 फीट करने की योजना है, लेकिन इस मार्ग पर 30 से अधिक अतिक्रमण आ रहे हैं। इसी तरह, मंगला से हाफा बायपास तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना है। सर्वेक्षण के मुताबिक, इस सड़क पर 100 से अधिक अतिक्रमण हैं, जिसके कारण यह सड़क वर्तमान में केवल 60 फीट की रह गई है।
अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं में सेक्टर-डी से परसदा तक 2 किलोमीटर मार्ग को 100 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव है। मोपका से तोरवा पुल तक के बायपास को भी 200 फीट चौड़ा किया जाना है। लगभग 4 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर भी 20 से अधिक बड़े अतिक्रमण मौजूद हैं, जो चौड़ीकरण के कार्य में बाधा बन रहे हैं।
सड़कों के चौड़ीकरण से शहर और बाहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और यात्रा के समय में कमी आएगी। यह भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगा और भविष्य की आबादी तथा वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुरूप एक व्यवस्थित सड़क नेटवर्क तैयार करेगा। इसके अतिरिक्त, यह मास्टर प्लान के अनुरूप व्यवस्थित शहरी विकास को भी सुनिश्चित करेगा।
कुछ सड़कों पर चौड़ीकरण का कार्य वर्तमान में जारी है। नगर निगम द्वारा अशोक नगर रोड और अपोलो रोड का चौड़ीकरण मास्टर प्लान के अनुसार किया जा रहा है। वहीं, नेहरू चौक से दर्रीघाट की सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि वसंत विहार से दयालबंद पुल तक की सड़क के संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जानकारी मांगी गई है।




