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शराब घोटाला केस: अंतरिम जमानत के बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा जेल से रिहा, समर्थकों ने गोंडी डांस से किया स्वागत

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को बुधवार को राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। लखमा करीब एक साल 14 दिन से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने अलग-अलग गिरफ्तार किया था।

रिहाई की खबर मिलते ही जेल परिसर के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कवासी लखमा को लेने उनकी पत्नी बुधरी लखमा विशेष रूप से जेल पहुंचीं। पति की रिहाई की पुष्टि होते ही बुधनी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। समर्थकों के अनुसार, बुधरी लखमा को पहले विश्वास ही नहीं हो रहा था कि बुधवार को उनके पति जेल से बाहर आ जाएंगे।

बस्तर के नृत्य दलों ने किया पारंपरिक स्वागत

कवासी लखमा की रिहाई के मौके पर बस्तर से आए नृत्य दलों ने जेल परिसर के बाहर पारंपरिक गोंडी नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ समर्थकों ने खुशी का इजहार किया। कोंटा विधानसभा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रायपुर पहुंचे थे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कुछ समय के लिए जेल रोड को वन-वे कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।

इन शर्तों पर मिली अंतरिम जमानत

– वे मामले की सुनवाई पूरी होने तक छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहेंगे।

– उन्हें अपना पासपोर्ट संबंधित कोर्ट में जमा कराना होगा।

– वे जहां भी निवास करेंगे, उसकी सूचना कोर्ट को देनी होगी।

– जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर उन्हें पूछताछ में उपस्थित होकर सहयोग करना अनिवार्य होगा।

– वे केवल सुनवाई की तारीखों पर ही रायपुर आ सकेंगे।

विधानसभा सत्र में शामिल होने अध्यक्ष की अनुमति जरूरी

शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए कवासी लखमा कोंटा से विधायक हैं। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देना होगा। अध्यक्ष द्वारा आवेदन पर विचार करने के बाद ही उन्हें सत्र में भाग लेने की अनुमति मिलेगी।

पत्नी बुधरी बोलीं- तनाव में कम हो गया था खाना

कवासी लखमा की पत्नी बुधरी कवासी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पति के जेल में बंद होने से वह लगातार मानसिक तनाव में थीं। “चारदीवारी के अंदर पति को बंद देखकर मन घबरा जाता था। दिन-रात यही सोचती रहती थी कि उनकी रिहाई कब होगी,” उन्होंने कहा। बुधरी ने बताया कि तनाव के कारण उन्होंने खाना कम कर दिया था, जिससे उनका वजन भी घट गया।

यह भी पढ़ें- Land Guideline: धमतरी, बलौदाबाजार समेत इन जिलों में जमीन की नई गाइडलाइन दरें लागू, बाकी जिलों का भी होगा पुनरीक्षण

ईडी के आरोप: शराब सिंडिकेट की अहम कड़ी थे लखमा

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कवासी लखमा शराब घोटाला सिंडिकेट की महत्वपूर्ण कड़ी थे। आरोप है कि उनके निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था और उन्हें इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ मिलता था। ईडी का दावा है कि शराब नीति में बदलाव और एफएल-10 लाइसेंस की शुरुआत में लखमा की अहम भूमिका रही।



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