Uncategorized

रोपाई कर रहे किसानों पर गिरी बिजली, 3 मौतें: छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन बरसेंगे बादल; सारंगढ़ में 59% ज्यादा बारिश, सरगुजा में सबसे कम – Chhattisgarh News

15 अगस्त विज्ञापन




बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को कोरबा जिले में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब 25 से 30 किसान खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी बकरा बाजार स्थित खेत की है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में अब तक संभागीय स्तर पर वर्षा सामान्य बनी हुई है और सामान्य से 19% कम (-19%) रिकॉर्ड की गई है। देखें ये तस्वीरें… इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश बीते 24 घंटे में लाटोरी में 30 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धनोरा, माकड़ी, बिहारपुर, कुसमी, कापू और पाथलगांव में 20-20 MM तथा मैनपाट, लाल बहादुर नगर, सीतापुर और पौड़ी उपरोरा में 10-10 MM वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान का हाल प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। क्यों बढ़े बारिश के आसार? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट पर बना लो प्रेशर एरिया अगले 2-3 दिनों तक इसी क्षेत्र में सक्रिय रहेगा और इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ तथा मध्य भारत के ऊपर सक्रिय ईस्ट-वेस्ट शियर जोन के कारण प्रदेश में नमी लगातार बनी रहेगी, जिससे व्यापक बारिश की स्थिति बन रही है। आज का मौसम रविवार को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। अगले दो दिन का आउटलुक अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। रायपुर का मौसम रायपुर शहर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 1 जून से अब तक 399.9MM ही बारिश छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के लगभग दो महीने बीतने के बाद भी बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। 1 जून से 25 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 399.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 495.1 मिमी है। यानी अब तक 19 प्रतिशत कम (-19%) बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग के मानकों के अनुसार प्रदेश की स्थिति अभी भी सामान्य (Normal) श्रेणी में बनी हुई है। सिर्फ चार जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश प्रदेश में इस सीजन केवल चार जिले अतिरिक्त वर्षा (Excess) की श्रेणी में हैं। इनमें सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे है, जहां सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जांजगीर-चांपा में 32 प्रतिशत, मुंगेली में 23 प्रतिशत और बलौदाबाजार में 22 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। वहीं बिलासपुर, रायपुर, महासमुंद, सक्ती और गरियाबंद समेत कई जिले सामान्य वर्षा की श्रेणी में बने हुए हैं। उत्तर और बस्तर संभाग में सबसे कमजोर मानसून मानसून की सबसे खराब स्थिति उत्तर और बस्तर संभाग के जिलों में देखने को मिल रही है। सरगुजा में सबसे अधिक 49 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद जशपुर और कांकेर में 46-46 प्रतिशत, बेमेतरा में 41 प्रतिशत, बस्तर में 40 प्रतिशत, सुकमा में 39 प्रतिशत, कोंडागांव में 38 प्रतिशत, मोहला-मानपुर-चौकी में 35 प्रतिशत, बीजापुर में 32 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़-भरतपुर, कबीरधाम और सूरजपुर में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। 17 जिले सामान्य, 12 जिले अब भी डेफिसिएंट मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 17 जिले सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं। वहीं 4 जिले अतिरिक्त (Excess) और 12 जिले वर्षा की कमी (Deficient) की श्रेणी में हैं। इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून का वितरण अभी भी पूरी तरह संतुलित नहीं हो पाया है। मध्य छत्तीसगढ़ में बेहतर, उत्तर और दक्षिण में चिंता विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून अपेक्षाकृत मजबूत रहा है। रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, मुंगेली और महासमुंद में अच्छी बारिश हुई है। इसके विपरीत उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, जशपुर और सूरजपुर के साथ-साथ बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है, जिसका असर खरीफ फसलों और जलाशयों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में सुधर सकते हैं हालात मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम सक्रिय बना रहा तो वर्षा की कमी वाले जिलों में राहत मिल सकती है और प्रदेश की मौसमी वर्षा सामान्य के और करीब पहुंच सकती है।



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!