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रायपुर में पति-पत्नी, भाई-बहन ने मिलकर डॉक्टर से डेढ़-करोड़ ठगे: शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया, फिर नहीं लौटाई रकम – Chhattisgarh News

15 अगस्त विज्ञापन


रायपुर में एक शातिर ठग ने अपनी पत्नी, भाई और बहन के साथ मिलकर एक डॉक्टर से डेढ़ करोड़ रुपए ठग लिए। ठग ने डॉक्टर को शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया, लेकिन न तो मुनाफा दिया और न ही मूलधन वापस किया। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है।

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मिली जानकारी के मुताबिक ठगों ने शंकर नगर निवासी डॉ. बी. बालाकृष्णा से ठगी की है। आरोपियों में मनोज चावला, पत्नी खुशबू चावला, भाई चेतन चावला और बहन नैना चावला शामिल हैं। पुलिस ने इनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 लोग अभी भी फरार हैं।

रायपुर पुलिस के अधिकारी डॉक्टर के साथ हुई ठगी की जानकारी देते हुए।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, रायपुर के शंकर नगर के रहने वाले डॉ बी. बालाकृष्णा ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह शंकर नगर इलाके में एडवांस चेस्ट सेंटर के नाम से क्लिनिक का संचालन करते हैं। 2021 में उनकी पहचान सेल्स टैक्स कॉलोनी में रहने वाले मनोज चावला से हुई।

उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें मनोज चावला और उनके परिवार के सदस्यों का व्यवहार बहुत अच्छा लगा। डॉ. बालकृष्ण ने क्लिनिक के फार्मेसी और लेबोरेटरी सेक्शन मैनेजमेंट की जिम्मेदारी चावला परिवार के सदस्यों को सौंप दी।

अस्पताल खोलने के लिए बड़ी रकम की थी जरूरत

उन्होंने बताया कि एडवांस्ड चेस्ट क्लिनिक के विस्तार की योजना थी। बड़े पैमाने पर अस्पताल खोलने के लिए मुझे बड़ी रकम की जरूरत थी। मैं समय-समय पर मनोज चावला और उनके परिवार के सदस्यों से इस बारे में चर्चा करता रहता था।

इस दौरान चावला परिवार के सदस्यों ने बताया कि वो ट्रेडिंग का भी बिजनेस करते हैं। इस बिजनेस में आप इन्वेस्टमेंट करिए, जो मुनाफा होगा, उसे आपस में बांट लेंगे। ट्रेडिंग में जो पैसा आप इन्वेस्टमेंट करेंगे, उसे हम सुरक्षित रखेंगे। इस शर्त पर मैंने चावला परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ 50 लाख रुपए दे दिए।

सिविल लाइन थाना पहुंचकर डॉक्टर ने आरोपियों के खिलाफ दी है शिकायत।

सिविल लाइन थाना पहुंचकर डॉक्टर ने आरोपियों के खिलाफ दी है शिकायत।

एग्रीमेंट के बाद भी नहीं लौटाई रकम

डॉ. बी. बालकृष्ण ने बताया कि जब उन्होंने 2022 में मनोज चावला से पैसे वापस मांगे, तो चावला परिवार ने कहा कि तुमने हमें पैसे कब दिए। जब मैंने उनसे बार-बार पैसे मांगे, तो उन्होंने पैसे देने की हामी भर दी, लेकिन एक समझौता किया कि मैं कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करूंगा।

डॉक्टर ने बताया कि इस समझौते के बाद भी चावला परिवार ने पैसे नहीं लौटाए। चावला परिवार से पैसे के लिए उसने कई बार बात की, लेकिन पैसे नहीं लौटाए। आरोपियों की इस हरकत के बाद पीड़ित डॉक्टर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत की।

सवाल- स्टॉक मार्केट स्कैम क्या है?

जवाब- पिछले कुछ सालों में स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

इसका बड़ा कारण ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों तक शेयर मार्केट की जानकारी आसानी से उपलब्ध होना है।

आजकल सोशल मीडिया ऐप्स (वॉट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर कई ऐसे ग्रुप या विज्ञापन देखने को मिल जाएंगे, जो आसानी से शेयर मार्केट से पैसे कमाने का दावा करते हैं। इन विज्ञापनों को देखकर ही अधिकांश लोग इनसे जुड़ जाते हैं। इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगने के लिए फर्जी ऐप्स के जरिए निशाना बनाते हैं।

सवाल- लोगों को स्टॉक मार्केट स्कैम के जाल में कैसे फंसाया जाता है?

जवाब- साइबर क्रिमिनल वॉट्सऐप, टेलीग्राम या फेसबुक ग्रुप में जोड़ने के लिए इनवाइट लिंक भेजते हैं। लिंक के साथ फ्री में इंवेस्टमेंट स्किल सिखाने, जीरो लॉस स्कीम और 100% रिटर्न की गारंटी के फर्जी दावे करते हैं, जिससे लोग आसानी उनके झांसे में आ जाते हैं।

नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए लोगों को कैसे स्कैम का शिकार बनाया जाता है।

सवाल- स्टॉक मार्केट स्कैम से खुद को कैसे बचा सकते हैं?

जवाब- साइबर एक्सपर्ट ईशान सिन्हा बताते हैं कि अगर कोई आपसे वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या टेलीग्राम पर ट्रेडिंग या शेयर बाजार सिखाने को लेकर विज्ञापन भेज रहा है तो उसके झांसे में न आएं।

स्कैमर्स द्वारा ऐप में बताए गए निवेश स्टॉक एक्सचेंजों पर कभी नहीं होते हैं। जब आप रिटर्न के नाम पर दिखाई देने वाले पैसे को निकालने जाएंगे तो कुछ नहीं मिलेगा। दरअसल रिटर्न के नाम पर दिखाई दे रहा पैसा सिर्फ वर्चुअल नंबर होता है।

नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि स्टॉक मार्केट स्कैम से कैसे बच सकते हैं।

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