मोहर्रम पर डीजे, धुमाल, शेर के स्वांग पर प्रतिबंध: राजनांदगांव में प्रशासन-मुस्लिम समाज की बैठक, वक्फ बोर्ड के निर्देश, उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना – Rajnandgaon News

मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, मर्यादित और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से राजनांदगांव में पुलिस प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत मुहर्रम के दौरान डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, आतिशबाजी और शेर के स्वांग जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने दिए सुरक्षा और कानून व्यवस्था के निर्देश पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, एसडीएम गौतम पाटिल और नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जुलूस मार्ग, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्फ बोर्ड के निर्देशों की दी गई जानकारी बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी साझा की गई। बोर्ड ने सभी ताजिया, दरगाह, उर्स कमेटियों और मुतवल्लियों से अपील की है कि मुहर्रम एवं अन्य धार्मिक आयोजन केवल कुरआन-ए-करीम, अहादीस-ए-मुबारका और शरीअत-ए-मुतहहरा के अनुरूप ही आयोजित किए जाएं। निर्देशों के अनुसार मुहर्रम के दौरान डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शराई गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही शेर या अन्य किसी प्रकार का स्वांग धारण कर प्रदर्शन करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी जुलूस या धार्मिक आयोजन में इन निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कमेटी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जा सकता है। साथ ही 50 हजार रुपये तक का आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कमेटी और इंतजामिया पर होगी। मुस्लिम समाज ने किया समर्थन बैठक के दौरान मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन और वक्फ बोर्ड के निर्देशों का समर्थन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि शहर में मुनादी और जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को शेर या अन्य किसी प्रकार का स्वांग धारण नहीं करने की समझाइश दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समझाइश के बावजूद कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके लिए समाज या कमेटी जिम्मेदार नहीं होगी और प्रशासन उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकेगा। इमामों से की गई विशेष अपील वक्फ बोर्ड और प्रशासन ने जिले के इमाम साहबानों से अपील की है कि मुहर्रम से पहले आने वाले जुमा (शुक्रवार) की नमाज में इन निर्देशों को पढ़कर सुनाया जाए। साथ ही मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कर लोगों को जागरूक किया जाए। सौहार्द बनाए रखने की अपील बैठक के अंत में पुलिस प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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