राजनीति

पीएससी परीक्षा में 187 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार से बाहर होने पर जयसिंह अग्रवाल ने उठाए सवाल, जांच की मांग

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 265 पदों के लिए एक अनुपात तीन के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, लेकिन आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को पात्र माना। इस तरह 187 अभ्यर्थी साक्षात्कार की प्रक्रिया से बाहर हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन अभ्यर्थियों ने न्यूनतम अंक हासिल नहीं किए हैं तो आयोग उनके अंक सार्वजनिक क्यों नहीं करता।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए अग्रवाल ने कहा कि बेरोजगारी के दौर में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में लोक सेवा आयोग जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में निर्धारित संख्या में अभ्यर्थियों का साक्षात्कार तक नहीं पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि 187 अभ्यर्थियों के न्यूनतम अंक कितने थे और उन्हें किस आधार पर साक्षात्कार से बाहर किया गया।

पूर्व मंत्री ने मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रश्न क्रमांक पांच में दोनों ने एक जैसा उत्तर लिखा, इसके बावजूद एक अभ्यर्थी को दो अंक और दूसरे को शून्य अंक दिए गए। उन्होंने कहा कि जब उत्तर समान है तो अंकों में इतना अंतर कैसे आया, यह आयोग को स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने माता राजिम, घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म के महापरिनिर्वाण से जुड़े प्रश्नों के मूल्यांकन में भी अलग-अलग अंक दिए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस तरह की असमानता सामने आना पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आयोग से सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

भर्ती प्रक्रिया पर भी निशाना साधते हुए पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की बड़ी संख्या होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में अपने विभाग में व्यापम के माध्यम से कराई गई भर्तियों और कर्मचारियों की पदोन्नति का उल्लेख करते हुए कहा कि भर्ती के साथ पदोन्नति पर भी ध्यान दिया गया था। उनका कहना था कि मौजूदा पीएससी मामले में भी यदि पात्र अभ्यर्थियों की संख्या पूरी करने के लिए नियमों के भीतर कोई रास्ता था तो उसका उपयोग किया जाना चाहिए था।

पूर्व मंत्री ने पीएससी परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा, मूल्यांकन और साक्षात्कार के लिए चयन की प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के हित और स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जल्द धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी।

पत्रकार वार्ता में रामपुर विधायक फुल सिंह राठिया, जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, कोरबा मंडल अध्यक्ष पालूराम साहू सहित विभिन्न ब्लाक व मंडल अध्यक्ष, महिला कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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