मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 68 युवाओं के दल को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पदयात्रा के लिए गुजरात रवाना किया
Chief Minister Vishnudev Sai flagged off a group of 68 youth to Gujarat for the 150th birth anniversary padyatra of Sardar Vallabhbhai Patel

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के 68 युवाओं के दल को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेने के लिए गुजरात रवाना किया। यह दल रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर केवड़िया की ओर रवाना हुआ, जहां युवाओं का उद्देश्य सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक के राष्ट्रीय मार्ग पर चलने वाले पदयात्रा कार्यक्रम में भाग लेना है। यह पदयात्रा देश के एक महत्वपूर्ण राष्ट्र निर्माता तथा पहले उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित की गई है।
सरदार वल्लभभाई पटेल को देश की एकता का लौह पुरुष कहा जाता है। उनके जीवन और कार्यों को याद करते हुए 150वीं जयंती पर यह पदयात्रा एक विशेष राष्ट्रीय अभियान के रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें देश भर से युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हो रहे हैं। इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और समाजिक समरसता के बीच जागरूकता बढ़ाना है। इससे यह संदेश भी जाता है कि युवाओं को देश के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
प्रधानमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के 68 युवाओं के दल को इस पदयात्रा में भाग लेने के लिए बड़ी प्रेरणा देते हुए हरी झंडी दिखाई। यह दल छत्तीसगढ़ युवा आयोग के द्वारा गठित किया गया है, जिसमें विभिन्न जिलों से चयनित प्रतिभाशाली और समर्पित युवाओं को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरदार पटेल जैसे वीर सपूत की कर्मभूमि पर चलने का अवसर एक उच्च सम्मान है, और इसे वे अपनी जिम्मेदारी समझकर पूरे मनोयोग से निभाएं। उन्होंने युवाओं को अपने कर्तव्य और नैतिकता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ पदयात्रा पूरी करने का आह्वान किया।
यह राष्ट्रीय पदयात्रा करमसद से शुरू होकर केवड़िया तक आयोजित की जा रही है, जो लगभग 150 किलोमीटर का लंबा मार्ग है। इस दौरान पदयात्रा में शामिल युवा सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेंगे, उनकी संवाद सत्रों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पूर्वजों के योगदान पर चर्चा भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ एक शारीरिक यात्रा का हिस्सा बनाना ही नहीं है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय जागरूकता और सामाजिक एकजुटता के लिए प्रेरित करना भी है।
छत्तीसगढ़ के 68 युवाओं के दल ने इस पदयात्रा के लिए बड़ी तैयारी की है। उन्हें शारीरिक सहनशीलता, सामूहिक अनुशासन, और टीम भावना का प्रशिक्षण दिया गया है। दल के सदस्य स्थानीय नेताओं और आयोजकों के मार्गदर्शन में इस यात्रा के दौरान सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी समझेंगे। क्या कैसे एकजुट होकर देश की एकता को मजबूत बनाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की गई है ताकि युवा देशहित में संस्थागत प्रयास कर सकें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस कार्यक्रम को समर्पित संसाधनों के साथ समर्थन दिया है। राज्य युवा आयोग इस आयोजन का समन्वयन कर रहा है और युवाओं की स्वास्थ्य, सुरक्षा, आवास और यात्रा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पदयात्रा में शामिल प्रत्येक युवा को पूरी सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
सरदार पटेल की विरासत को सम्मान
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर यह पदयात्रा उनकी महान विरासत के साक्षी के रूप में भी देखी जा रही है। उनकी दृढ़ता, साहस और एकता की भावना आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। युवाओं द्वारा इस पदयात्रा में भाग लेना उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी है। पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर उनके कार्यों और उनके योगदान को याद करके युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम केवल एक शारीरिक पदयात्रा नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, समाज के प्रति जागरूकता और समर्पण की भावना बढ़ेगी। कार्यक्रम के आयोजकों का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ के युवा सामाजिक बदलाव के लिए और अधिक सक्रिय होंगे और भविष्य में वे अपनी ताकत का सकारात्मक उपयोग कर राष्ट्र के विकास में हिस्सेदारी करेंगे।
इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के 68 युवाओं का चयन उन अनुकरणीय युवाओं में हुआ है जो शिक्षा, खेल-कूद, सामाजिक सेवा, और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस पदयात्रा को केवल एक यात्रा न समझें, बल्कि इसे देश के प्रति अपने दायित्व का प्रतीक बनाएं। यह पदयात्रा युवाओं को न केवल राष्ट्रीय अस्मिता का अनुभव कराएगी, बल्कि उन्हें एकजुटता, समर्पण और देशभक्ति की भावना से भी ऊर्जा प्रदान करेगी।
इस प्रकार, यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गर्व का विषय है और साथ ही एक अवसर है जहाँ वे अपने आदर्शों को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर सकते हैं। यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तित्व को घड़ेगी बल्कि उन्हें देश के प्रति उनकी भूमिका और जिम्मेदारी का भी बोध कराएगी।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार के युवाओं के प्रति समर्पण का एक प्रमाण है, जो उन्हें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पदयात्रा के सफल समापन के बाद यह डेलीगेट वापस आकर राज्य में इसी प्रकार के सामाजिक और राष्ट्रीय अभियानों में हिस्सा लेने के लिए तैयार होगा।




