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कांकेर में भालुओं का खूनी तांडव:2 बच्चों को बचाने भालू से भिड़ गए भाई-बहन दोनों की मौत; 5 घंटे शवों को चीरता रहा भालू

15 अगस्त विज्ञापन

जिला मुख्यालय से सटे ग्राम लारगांव मरकाटोला में बुधवार सुबह 11 बजे एक मादा भालू ने दिन-दहाड़े ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका दहल उठा। भालू के हमले में सगे भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। उन्हें बचाने पहुंची एक अन्य बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद भालू घंटों शवों के पास ही डटा रहा। वह उन्हें चीरता-फाड़ता रहा। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब 5 घंटे बाद रायपुर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन से भालू को बेहोश किया। तब जाकर शवों को उठाया जा सका। एक अन्य घटना में नरहरपुर वन परिक्षेत्र के सिहारीनाला में देवबली राम ध्रुव नामक व्यक्ति को एक अन्य भालू ने मार डाला। जानकारी के मुताबिक लारगांव मरकाटोला के आश्रम में रसोइया का काम करने वाली गोरसे जुर्री (50) अपने भाई हलाल खोर जुर्री (45) और दो छोटे बच्चों के साथ घर लौट रही थी। तभी रास्ते में मादा भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बच्चों को सुरक्षित भगाकर दोनों भाई-बहन भालू से भिड़ गए। शोर सुनकर खेत में मौजूद छोटी बहन खोरीन जुर्री (43) उन्हें बचाने दौड़ी। भालू ने गोरसे और हलाल खोर को मार डाला। उसने खोरीन को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। भारी मशक्कत के बाद घायल खोरीन जुर्री को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया ​है। भालू के बेहोश होते ही मारने दौड़े ग्रामीण
शाम करीब 4 बजे रायपुर से आई टीम ने जैसे ही भालू को बेहोश किया, आक्रोशित ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उस पर टूट पड़े। वन विभाग की टीम ने बमुश्किल भालू को ग्रामीणों के गुस्से से सुरक्षित निकाला। मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक आशाराम नेताम ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
विधायक आशाराम नेताम ने परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने घोषणा की कि सप्ताह भर के भीतर दोनों मृतकों के आश्रितों को 6-6 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। घायल बहन के इलाज का पूरा खर्च उठाया जाएगा। शावक की मौत से बौखला गई थी मादा भालू डीएफओ कांकेर रौनक गोयल ने बताया कि घटना से एक दिन पहले, यानी मंगलवार को, मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में यह दावा किया जा रहा था कि मादा भालू ने खुद अपने शावक को मारा है, लेकिन ऐसा नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शावक के लिवर में गंभीर इंफेक्शन था। यही उसकी मौत का मुख्य कारण बना। अपने बच्चे की अचानक मौत से मादा भालू बौखलाहट में थी। इसी दौरान उसका सामना बेखबर ग्रामीणों से हो गया। उसने हमला कर दिया।

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