Expensive books: Video: एनसीईआरटी की जगह प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, अभाविप ने घेरा DEO दफ्तर

अंबिकापुर. जिले के कई निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की जगह महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें (Expensive books) चलाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग डीईओ से की। डीईओ की ओर से उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
परीक्षा से पहले डीईओ द्वारा निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एनसीईआरटी की किताबें ही लागू करें और शुल्क में वृद्धि न करें। इसके बावजूद कई स्कूल मनमानी करते हुए महंगी किताबें चला रहे हैं। निजी स्कूल प्रबंधन अपने स्वार्थ के चलते अभिभावकों को मजबूरी में महंगी किताबें (Expensive books) खरीदने पर बाध्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप ने विभिन्न स्कूलों की फीस व पुस्तकों की सूची (Expensive books) प्रस्तुत की। इनमें कई नामी स्कूल शामिल हैं, जहां केवल किताब-कॉपी के नाम पर ही हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं।
होली क्रॉस स्कूल कक्षा 1 के लिए करीब 4050 रुपए, कक्षा 5 के लिए 5000 रुपए से अधिक, कार्मेल स्कूल- कक्षा 1 में लगभग 3700, कक्षा 8 में 6000 से ज्यादा, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल- कक्षा 3 में 4000 रुपए से अधिक, कक्षा 7 में 5000 रुपए तक है। इन आंकड़ों से साफ है कि अभिभावकों पर भारी आर्थिक दबाव डाला जा रहा है।
भारी बैग से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर
अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि जहां बैगलेस शिक्षा की बात हो रही है, वहीं छोटे बच्चों के बैग का वजन 5 किलो से अधिक हो रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। जिला संयोजक पलाश पांडेय ने नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग की।
वहीं नगर मंत्री रॉनी मिश्रा ने कहा कि केवल कॉपियों पर ही हजारों रुपए (Expensive books) खर्च कराए जा रहे हैं। छात्रा प्रमुख सृष्टि सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अभाविप बड़ा आंदोलन करेगी।

डीईओ को सौंपा ज्ञापन, जांच का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने डीईओ को ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की। इस पर डीईओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई (Expensive books) का आश्वासन दिया है। अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन विद्यार्थियों और अभिभावकों के अधिकारों के लिए है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।




