Digital Arrest मामले में दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ से पकड़े 4 बदमाश…बुजुर्ग से ऐंठे थे ₹54 लाख

डिजिटल अरेस्ट कर आरोपियों ने शातिराना तरीके से प्रगति नगर रिसाली के एक बुजुर्ग को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 54 लाख 90 हजार रुपए ऐंठ लिए थे। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और यूपी के लखनऊ से आरोपियों को गिरफ्तार किया और दुर्ग लाया गया।
By Dheeraj Belwal
Edited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 15 Jun 2025 06:12:20 PM (IST)
Updated Date: Sun, 15 Jun 2025 06:12:20 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। दुर्ग पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने शातिराना तरीके से प्रगति नगर रिसाली के एक बुजुर्ग को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 54 लाख 90 हजार रुपए ऐंठ लिए थे। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और इसके तार यूपी के लखनऊ से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस की एक टीम लखनऊ पहुंची और आरोपितों को गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया।
डिजिटल अरेस्ट कर की ठगी
डिजिटल अरेस्ट के इस मामले में प्रगति नगर रिसाली निवासी नम्रता चन्द्राकर ने नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल 2025 को मोबाईल 8473927649, 7077631410 एवं 7818090229 के धारक द्वारा स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर उनके पिता को विडियो कॉल किया। इसके बाद केनरा बैंक का खाता नरेश गोयल को बेचने और 2 करोड़ रुपए की मनी लांड्रिंग होना बताया। इस मामले में सहयोग का झांसा देकर संपत्ति की सारी जानकारी ली और गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग अलग खातें व किस्तों में 29 अप्रैल 2025 से 29 मई 2025 के मध्य 54 लाख 90 हजार रुपए छलपूर्वक जमा कराकर ठगी की। शिकायत पर नेवई पुलिस ने अज्ञात कॉलर्स के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 67 (डी) आईटीएक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
लखनऊ से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
विवेचना दौरान अज्ञात मोबाइल धारक एवं लाभार्थी बैंक खाता धारक की तकनीकी सहायता से जानकारी ली गई। इससे पता चला कि आरोपित लखनऊ उत्तर प्रदेश के हैं। आरोपी पतासाजी के लिए टीम रवाना किया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद संदेही दीपक गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार व शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस पर इन लोगों ने बताया कि कृष्ण का परिचय, सोहित के माध्यम से शुभम श्रीवास्तव से हुआ। दीपक गुप्ता कृष्ण कुमार का दोस्त है जिसने बताया कि मोहल्ले का निवासी राजेश विश्वकर्मा का यूनियन बैंक शाखा पीएन रोड लखनऊ में है जिसने फ्रॉड के रकम के लिये अपने खाते को दिया और धोखाधड़ी में सहयोग करने के लिये तैयार हुआ।
आरोपियों को गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया
राजेश के यूनियन बैक खाता में 29 मई 2025 को 9 लाख रुपए फ्राड की रकम जमा हुए। राजेश द्वारा सेल्फ चेक के माध्यम से रकम को निकलकर राजेश कृष्णा, और दीपक को शुभम ने कमीशन के तौर पर 36 हजार रूपये दिया और शेष 08 लाख 64 हजार अपने पास रखा और अपने अन्य साथी लाईक, राज, फबैलो और उज्जवल को अपना कमीशन लेकर दिया। इसके बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया। इनके पास से घटना प्रयुक्त मोबाइल व आधार कार्ड को जब्त किया गया है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक आनंद शुक्ला थाना प्रभारी नेवई, उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, सहायक उप निरीक्षक रामचंद्र कंवर, प्रधान आरक्षक सूरज पांडेय, आरक्षक रवि बिसाई एवं सायबर टीम का महत्तवपूर्ण योगदान रहा है।



