छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दुर्ग में अपने निजी प्रवास के दौरान राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दुर्ग में अपने निजी प्रवास के दौरान राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने विधानसभा में लाए गए 136 पृष्ठों के अविश्वास प्रस्ताव को सरकार के “136 सप्ताह के पापों का आरोपपत्र” बताया।

महंत ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव केवल विपक्ष का राजनीतिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की पीड़ा का लेखा-जोखा है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “25 साल तक कांग्रेस नहीं आएगी” वाले बयान, राम मंदिर चंदा विवाद और स्मार्ट मीटर जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

सरकार को 135 सप्ताह पूरे हुए

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए 135 सप्ताह पूरे हो चुके हैं और 137वां सप्ताह चल रहा है। इसी आधार पर कांग्रेस ने 136 पृष्ठों का आरोपपत्र तैयार कर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।

महंत के अनुसार, इन पन्नों में सरकार की हर सप्ताह की नाकामी, जनता के साथ हुए अन्याय और वे काम दर्ज हैं जो सरकार ने करने का वादा किया था, लेकिन पूरे नहीं किए। उन्होंने इस दस्तावेज को सरकार के खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक हथियार नहीं, बल्कि जनता की आवाज बताया।

भाजपा ने लोगों की भावनाओं से खेला

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव उनका व्यक्तिगत दस्तावेज नहीं है। यह कांग्रेस के सभी विधायकों और उन लाखों लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने पिछले ढाई वर्षों में परेशानियां झेली हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का कर्तव्य है कि यदि सरकार सही तरीके से काम नहीं कर रही है तो उसकी कमियों को सदन और जनता के सामने रखा जाए। महंत ने सरकार को सुधार करने की नसीहत देते हुए कहा कि अन्यथा जनता रास्ता दिखाने के लिए तैयार बैठी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस बयान पर कि “25 साल तक कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी”, महंत ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का काम ऐसा दावा करना है, लेकिन जनता का फैसला अलग होता है।

राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भाजपा को घेरा

राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद पर महंत ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त बताती है, जबकि छत्तीसगढ़ के लोग भगवान राम को अपना “भांजा” मानते हैं और इस पर गर्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि “भांजे के घर” में चोरी होती है तो उस पर सवाल उठाना हर नागरिक का अधिकार है। महंत ने कहा कि यदि चंदे में गड़बड़ी या अनियमितता की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि चूंकि ट्रस्ट और पूरी व्यवस्था केंद्र सरकार के संरक्षण में बनी है, इसलिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

“मेरा भी पैसा, आपका भी पैसा… सवाल पूछेंगे”

महंत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धा से योगदान दिया था। इसलिए यदि उस धन के उपयोग को लेकर कोई सवाल उठता है तो हर दानदाता को जवाब मांगने का अधिकार है। यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास का मामला है। इसलिए कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

स्मार्ट मीटर पर भी साधा निशाना

चरणदास महंत ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों का भी विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में लोगों की इच्छा के विरुद्ध स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और जहां ये लग चुके हैं, वहां बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि यदि नई व्यवस्था से जनता को राहत मिलने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ रहा है तो सरकार को इस योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनके अनुसार स्मार्ट मीटर लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं।

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