Uncategorized

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए सम्मान शुरू

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के राज्य अलंकरण समारोह में इस बार दो नए सम्मानों की शुरुआत की जा रही है। यह पहली बार होगा जब पंडवानी गायिका तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर राज्य अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। इन नए सम्मानों के जुड़ने से पुरस्कारों की सूची में दो नई श्रेणियां शामिल हो जाएंगी।

इस वर्ष कुल 41 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें संस्कृति विभाग के 14 और अन्य विभागों के 27 पुरस्कार शामिल हैं। यह सम्मान उन लोगों और संस्थाओं को दिए जाएंगे जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इन पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा।

राज्य अलंकरण कला-संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रमिक कल्याण और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों के लिए अलग-अलग विभाग अपने संबंधित क्षेत्रों से जुड़े लोगों और संस्थाओं के नाम भेजते हैं, और इन्हीं नामों में से पुरस्कार पाने वालों का चयन किया जाता है।

पिछले साल, यानी राज्योत्सव 2025 में, कुल 34 श्रेणियों में राज्य अलंकरण प्रदान किए गए थे। कुछ श्रेणियों में एक से अधिक लोगों और संस्थाओं को सम्मान मिलने के कारण, पुरस्कार पाने वालों की कुल संख्या 34 से अधिक थी।

पिछले वर्ष सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यति यतनलाल, पंडित रविशंकर शुक्ल और महाराजा अग्रसेन सम्मान दिए गए थे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति, गुरु घासीदास और डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान प्रदान किए थे। वहीं, खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने गुण्डाधुर और महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान से विभूषित किया था, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिनीमाता, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति और माता बहादुर कलारिन सम्मान दिए थे।

संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर से हबीब तनवीर, पंडित सुंदरलाल शर्मा, चक्रधर, दाऊ मंदराजी, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य, किशोर साहू, किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण, लक्ष्मण मस्तुरिया और लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार जैसे सम्मान दिए गए थे। जनसंपर्क विभाग ने चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता, मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता और पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान प्रदान किए थे।

इसके अतिरिक्त, सहकारिता, कृषि, स्वास्थ्य, मत्स्य, श्रम, पुलिस, विधि और उच्च शिक्षा विभाग के पुरस्कार भी शामिल थे। दानवीर भामाशाह और छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान जैसे पुरस्कारों के माध्यम से समाजसेवा और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया था। इस वर्ष तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए सम्मान शुरू होने से राज्य अलंकरण की सूची और भी व्यापक हो जाएगी।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!