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छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: 5 की मौत, 11 घायल; बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं। मनेंद्रगढ़, सूरजपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में ये हादसे हुए। खेत में काम कर रहे किसान और मजदूर इसकी चपेट में आए। वहीं, भारी बारिश के चलते कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। गरियाबंद में नाला पार करते समय एक युवक बहने से बचा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक प्रदेश में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में प्रकृति का कहर देखने को मिल रहा है, जहां आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 5 लोगों की जान चली गई है और 11 अन्य घायल हुए हैं। इन दुखद घटनाओं ने प्रदेश के कई हिस्सों में मातम पसरा दिया है।

पहला हादसा मनेंद्रगढ़ जिले के खड़गवां ब्लॉक के शिवपुर गांव में हुआ, जहां खेत में कृषि कार्य करते समय 3 ग्रामीण बिजली की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 5 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

इसी तरह, सूरजपुर जिले के नमदगीरी गांव में एक और दर्दनाक घटना सामने आई। किसान विनय देवांगन (35) अपने खेत में काम कर रहे थे कि अचानक उन पर बिजली गिरी। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

तीसरा हादसा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दर्ज किया गया, जहां आसमानी बिजली गिरने से एक महिला मजदूर की जान चली गई। इस घटना में 6 अन्य महिला कर्मचारी भी घायल हुई हैं, जिन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

इन घटनाओं के साथ ही, छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने कई नदी-नालों को उफान पर ला दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गरियाबंद जिले के छिन्दोला-आमामोरा मार्ग पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। खोलापारा नाले के ऊपर से पानी का तेज बहाव जारी है। इस दौरान एक बाइक सवार ने नाले को पार करने की कोशिश की, लेकिन वह अपना संतुलन खो बैठा और बहने लगा। हालांकि, वहां मौजूद सतर्क ग्रामीणों ने उसे समय रहते बचा लिया। जलभराव के कारण आमामोरा, ओढ़, कुकरार और नगरार जैसे गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

सारंगढ़-बरमकेला क्षेत्र में लाट नाले में बही कार में सवार पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उनकी तलाश में अभियान जारी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के असर के कारण छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और बिजली गिरने की संभावना जताई है। सोमवार दोपहर को रायपुर में भी तेज बारिश दर्ज की गई।

पिछले 24 घंटों के दौरान, रायपुर और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, प्रदेश में मानसून की बारिश अभी भी सामान्य से 21% कम दर्ज की गई है। तापमान की बात करें तो पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आज (28 जुलाई) रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का अनुमान है।

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