मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में बड़ी चूक? कोलकाता से 75 वर्षीय आदिवासी लापता, 18 दिन से बेसुराग।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत धार्मिक स्थलों की यात्रा पर गए बस्तर जिले के 75 वर्षीय माड़िया आदिवासी दशरू कोलकाता से लापता हो गए हैं। 8 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर के अंदर से दशरू अचानक गायब हो गए, और 18 दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना से उनके परिजन बेहद परेशान और चिंतित हैं।
दशरू की गुमशुदगी के बाद से परिवार के सदस्यों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने अब बस्तर कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है और दशरू की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। परिजनों ने कलेक्टर, जिला बस्तर के नाम एक आवेदन सौंपकर अपनी व्यथा बताई है।
लापता हुए दशरू पिता मांगतू, ग्राम बुरगुम पटेलपारा, तहसील बास्तानार, जिला बस्तर के निवासी हैं। वे छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत अन्य श्रद्धालुओं के साथ कोलकाता की तीर्थयात्रा पर गए थे। इस योजना का उद्देश्य बुजुर्ग और ग्रामीण श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराना है।
घटना 8 अक्टूबर को शाम लगभग 5 बजे की है, जब दशरू कालीघाट मंदिर के भीतर से अचानक लापता हो गए। उनके साथ गए लोगों और परिजनों ने काफी देर तक उनकी तलाश की, लेकिन जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। परिजनों ने कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन और रेलवे पुलिस में दशरू की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, परिवार के लोग अपनी ओर से भी लगातार दशरू की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, उनकी सभी कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं और उन्हें दशरू के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। बुजुर्ग दशरू के लापता होने से परिवार में गहरा सदमा है और वे उनकी सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इस घटना ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 75 वर्षीय एक बुजुर्ग यात्री का तीर्थयात्रा के दौरान इस तरह से लापता हो जाना योजना के क्रियान्वयन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता को दर्शाता है। हालांकि, परिजनों द्वारा सौंपे गए आवेदन में किसी कर्मचारी की लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई है।
परिजनों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि दशरू का पता लगाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी अपील पर ध्यान देगा और जल्द से जल्द दशरू को ढूंढ निकालने में उनकी मदद करेगा, ताकि परिवार की चिंता समाप्त हो सके।




