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छत्‍तीसगढ़ में प्रशासन की शर्मनाक लापरवाही, नर्सरी में बंद किए 100 से अधिक मवेशियों की भूख प्‍यास से मौत

15 अगस्त विज्ञापन


ग्राम बिटकुली के नर्सरी में बंद किए गए 100 से अधिक बेसहारा पशुओं की मृत्यु हो गई है। चारा और पानी के अभाव में इन पशुओं ने दम तोड़ दिया। किसानों ने लगातार फसलों के नुकसान के कारण प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन उनकी फरियाद पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Publish Date: Sat, 25 Oct 2025 11:38:08 PM (IST)

Updated Date: Sun, 26 Oct 2025 12:07:22 AM (IST)

Chhattisgarh के बेमेतरा में 100 से अधिक बेसहारा पशुओं की मौत(फाइल फोटो)

HighLights

  1. 100 से अधिक बेसहारा पशुओं की मृत्यु हो गई है
  2. चारा और पानी के अभाव में इन पशुओं ने दम तोड़ दिया
  3. बेमेतरा कलेक्टर ने इस घटना की जानकारी मांगी है

नईदुनिया न्यूज, बेमेतरा। ग्राम बिटकुली के नर्सरी में बंद किए गए 100 से अधिक बेसहारा पशुओं की मृत्यु हो गई है। चारा और पानी के अभाव में इन पशुओं ने दम तोड़ दिया। किसानों ने लगातार फसलों के नुकसान के कारण प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन उनकी फरियाद पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः ग्रामीणों ने बेसहारा पशुओं को घेरकर नर्सरी में बंद कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक मिली जानकारी के अनुसार लगभग 100 पशुओं की मृत्यु हो चुकी है।

मामले को लेकर उठे सवाल

जब ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने नर्सरी में पहुंचकर चारों ओर मरे हुए पशुओं के शव देखे। यह घटना निश्चित रूप से जिले के लिए एक गंभीर मुद्दा है। इस मामले में कई सवाल उठते हैं कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है। वर्षों से किसानों की मांगों के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पाई है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन पशुओं को नर्सरी में किसके आदेश पर रखा गया और उनकी देखभाल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। बेसहारा पशु वास्तव में पालतू नहीं होते, बल्कि खुले में विचरण करने वाले होते हैं। इनका आतंक क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बना हुआ है, जिससे फसलों और लोगों को खतरा है।

जानकारी मांगी

बेमेतरा कलेक्टर रणवीर शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि डीएफओ से जानकारी मांगी गई है। जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोषी कौन है।



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