Chhattisgarh News: किसानों को प्रति एकड़ एक-एक बोरी डीएपी-यूरिया का बंधन नहीं, समितियों में भरपूर स्टॉक

खरीफ सीजन को देखते हुए रायपुर जिले की सहकारी समितियों में किसानों के लिए यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों पर प्रति एकड़ एक बोरी डीएपी या यूरिया लेने का कोई दबाव या बंधन नहीं है। नैनो उर्वरक भी पूरी तरह वैकल्पिक रहेंगे।
कृषि विभाग के अनुसार जिले की समितियों में वर्तमान में 9102 मीट्रिक टन यूरिया और 3092 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इससे पहले संग्रहण केंद्रों से समितियों में 10732 मीट्रिक टन यूरिया और 3927 मीट्रिक टन डीएपी पहुंचाया गया था। विभाग का कहना है कि खाद का भंडारण और वितरण लगातार जारी है तथा जरूरत के अनुसार दोबारा स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उठाव करें और यूरिया-डीएपी के वैकल्पिक उर्वरकों का भी उपयोग करें। साथ ही खाद की कमी को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है।
शासन के निर्देशानुसार इस बार किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया का 80 प्रतिशत तक पारंपरिक यूरिया दिया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक स्टॉक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नैनो यूरिया के रूप में दी जाएगी। इसी तरह डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि बाकी 40 प्रतिशत वैकल्पिक एनपीके उर्वरक या नैनो डीएपी के जरिए वितरित की जाएगी।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था पूरी तरह स्वैच्छिक होगी।
वितरण व्यवस्था के तहत 2.50 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत किसानों को निर्धारित यूरिया एकमुश्त दिया जाएगा। 2.50 से 5 एकड़ तक भूमि वाले लघु किसानों को दो किस्तों में और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को तीन किस्तों में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।



