छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के 2 दिन में 85 नए मरीज, कुल 344 केस; 122 एक्टिव

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में 85 नए मरीज मिले हैं। 8 सितंबर तक कुल 298 पॉजिटिव मरीज थे, जो 9 सितंबर की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बढ़कर 344 हो गए। यानी एक दिन में 46 मरीज बढ़े।
स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा असर रायपुर में देखने को मिल रहा है। 8 सितंबर तक रायपुर में 127 मरीज थे, जो 9 सितंबर को बढ़कर 146 हो गए। जिले में एक दिन में 19 नए मरीज मिले। राज्य के कुल 344 मरीजों में से अकेले रायपुर के 146 मरीज हैं, यानी करीब 42% मामले रायपुर से हैं।
9 सितंबर को प्रदेश में 39 नए पॉजिटिव मरीज मिले। इनमें रायपुर में 19, महासमुंद में 10, बिलासपुर में 3, कोरबा में 2, जबकि दुर्ग, रायगढ़, मुंगेली, राजनांदगांव और सुरगुजा में 1-1 नया मरीज मिला। 8 सितंबर को 46 नए मरीज सामने आए थे, यानी 9 सितंबर को नए मरीजों की संख्या 7 कम रही।
8 सितंबर तक प्रदेश में 113 एक्टिव मरीज थे, जिनमें 81 अस्पताल में भर्ती और 32 होम आइसोलेशन में थे। 9 सितंबर की रिपोर्ट में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 122 हो गई। अस्पताल में भर्ती मरीज 81 से बढ़कर 90 हो गए, जबकि होम आइसोलेशन वाले मरीजों की संख्या 32 पर ही बनी हुई है।
रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में सबसे ज्यादा मरीज हैं। कुल मामलों में दुर्ग में 41 और बिलासपुर में 41 मरीज हैं। 8 सितंबर तक दुर्ग में 40 और बिलासपुर में 38 मरीज थे। यानी बिलासपुर में 3 और दुर्ग में 1 मरीज की बढ़ोतरी हुई। कोरबा में कुल मरीज 19 से बढ़कर 21, रायगढ़ में 12 से 13, मुंगेली में 1 से 2 और राजनांदगांव में 7 से 8 हुए हैं। महासमुंद में कुल मरीजों की संख्या 17 पहुंच गई है।
H1N1 इन्फ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, खासकर जब सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति सामने आए। ऐसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में H1N1 से अब तक कोई मौत दर्ज नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की निगरानी और उपचार कर रहा है। डॉ. विकास अग्रवाल के मुताबिक बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे सामान्य वायरल समझकर खुद से दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। अगर लक्षण लगातार बने रहें या हालत बिगड़ती लगे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।




