Uncategorized

CG: विधानसभा में कस्टोडियल डेथ पर हंगामा, 66 मामलों में 18 की मजिस्ट्रेट जांच पूरी, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

15 अगस्त विज्ञापन


छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में कस्टोडियल डेथ के मुद्दे पर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन को बताया कि राज्य में दर्ज 66 मामलों में से 18 प्रकरणों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 48 मामलों में जांच जारी है।

प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतकों के नाम और संबंधित जेलों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा कि क्या कवर्धा जेल में बंद पंकज साहू की कस्टोडियल डेथ इस सूची में शामिल है। साथ ही जीवन ठाकुर का मामला उठाते हुए कहा कि वे कांकेर जेल में बंद थे, लेकिन उनकी मृत्यु रायपुर में हुई। क्या यह प्रकरण भी 66 मामलों में शामिल है?

गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि पंकज साहू की मृत्यु मांगी गई अवधि से पहले की है, इसलिए उसे आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है। वहीं जीवन ठाकुर को न्यायालय की अनुमति से कांकेर से रायपुर लाया गया था। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को उन्हें जेल लाया गया था। वे शुगर के मरीज थे और तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया, जहां परिजन उनसे मिलते रहे। जेल अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार वे उपचार में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे थे और आवश्यक परहेज भी नहीं कर रहे थे। बाद में न्यायालय के निर्देश पर उनका स्थानांतरण रायपुर किया गया।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जीवन ठाकुर आदिवासी समाज के प्रमुख नेता थे और उन्हें समुचित इलाज नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी समाज ने प्रदर्शन किया था। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि शुगर का मरीज जानबूझकर अपनी हालत क्यों बिगाड़ेगा और यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को, जो उसी जेल में था, अलग रखा गया तथा कांग्रेस विधायकों को मिलने की अनुमति नहीं दी गई। गृहमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जीवन ठाकुर के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के प्रमाण मिलने पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि जब किसी मामले में पहले से मजिस्ट्रेट जांच चल रही हो तो समानांतर जांच का औचित्य नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने नव्या मलिक नामक महिला का मामला भी उठाया, जिस पर गृहमंत्री ने अलग से जानकारी देने की बात कही। इसके अलावा भूपेश बघेल ने राज्य में हत्या, लूट और फिरौती जैसे जघन्य अपराधों में 35 प्रतिशत वृद्धि का मुद्दा उठाया। इस पर गृहमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अपराधों में कमी आई है।



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!