Uncategorized

CG: छात्र और पालकगण ध्यान दें; 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल; एक जुलाई से शुरू होने की सूचना है फर्जी और भ्रामक

15 अगस्त विज्ञापन


CG Education News: छत्तीसगढ़ के छात्र और पालकगण कृपया ध्यान दें। 16 जून से ही स्कूल खुलेंगे। एक जुलाई से शुरू होने की सूचना है फर्जी और भ्रामक है। संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य की समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून 2026 यानी मंगलवार से शुरू किया जाएगा।

इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही सूचना कि शैक्षणिक सत्र एक जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा जो कि पूरी तरह से असत्य, भ्रामक, तथ्यों से परे और फर्जी है। 

 

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों के संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है। ऐसे में विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे केवल विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। आदेश में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे 16 जून से शाला प्रवेश उत्सव मनाने के लिए तैयार रहें।

बता दें कि 20 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था। अब अवकाश खत्म होने के बाद प्रदेश के स्कूलों का संचालन 16 जून से नियमित रूप से होगा। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल तैयार करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, प्रदेशभर में 16 जून 2026 से शाला प्रवेश उत्सव 2026 का  आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

गांवों और शहरों में होगी मुनादी, जनभागीदारी पर जोर

प्रवेश उत्सव को एक उत्सव का रूप देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर-पोस्टर और रैलियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों (अभिभावकों) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, परिसरों और कक्षाओं की पूरी साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर ली जाए। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है ताकि बच्चों को एक आकर्षक और प्रिंट-रिच (शैक्षणिक चित्रों और दीवारों पर लिखी जानकारियों से लैस) वातावरण मिल सके।

शाला त्यागी बच्चों की वापसी और अगली कक्षा में सीधा प्रवेश

प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त कर सीधे स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छठवीं में प्राथमिक शालाओं से कक्षा 5वीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची और टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) लेकर कक्षा 6वीं में उनका दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। शाला त्यागी बच्चे, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा, स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप भी तैयार करना होगा।

मिलेगी मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल

उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर पात्र छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें (किताबें), स्कूल गणवेश (यूनिफॉर्म), साइकिल का वितरण किया जाएगा। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में टॉप करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपनी ओर से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भी दान कर सकेंगे।

स्थानीय संसाधनों से होगा आयोजन

 स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए कोई पृथक (अलग से) बजट जारी नहीं किया जाएगा। इसका आयोजन जिलों में पहले से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही करना होगा। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, प्राचार्य डाइट, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को विद्यालयों का सतत निरीक्षण कर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी छात्रहित में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सफल बनाएंगे, जिससे नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रदेश को बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल हो सकें।

 



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!