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CG News: ‘पापा की कुर्सी’ बनी सीख का मंच, बेटियों ने जाना जिम्मेदारी का वजन… जानें उनका अनुभव | Cg News Sitting In Their Parents Chairs Daughters Realize Weight Of Responsibility

जब पापा की कुर्सी पर बैठी, तो मुझे गर्व महसूस हुआ। कुर्सी पर बैठते ही लगा कि यह सिर्फ कुर्सी नहीं, जिम्मेदारी की जगह है। पापा लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हैं। उस दिन मुझे समझ आया कि वकील बनना कितना बड़ा काम है। – अंशिका मेश्राम, (कक्षा 8), पिता- आनंद कुमार मेश्राम (एडवोकेट)
15 अगस्त विज्ञापन




