एनटीपीसी तिलईपाली: कोयला परिवहन में अनियमितता का बड़ा खेल, राजस्व को भारी नुकसान

घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता) : एनटीपीसी तिलईपाली कोल माइंस से कोयले के परिवहन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितता का मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश के एक ट्रांसपोर्टर द्वारा कोयला रेलवे साइडिंग काली छापर तक पहुंचाने की बजाय बाईपास मार्ग के जरिए घरघोड़ा और पूंजीपथरा स्थित उद्योगों में डंप किया जा रहा है। इसके बाद मिक्स फ्लाईएश को रेलवे साइडिंग तक पहुंचाकर कोयले की जगह मालगाड़ियों में लोड कर अन्य स्थानों पर भेज दिया जा रहा है।
राजस्व को हो रहा भारी नुकसान
इस गड़बड़ी से एनटीपीसी और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कोयला ट्रांसपोर्ट में पारदर्शिता के अभाव और अनियमित प्रक्रियाओं से स्पष्ट होता है कि इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत हो सकती है। सवाल यह है कि क्या एनटीपीसी प्रबंधन इस खेल से अनजान है, या फिर अनियमितताओं पर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है?
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
माना जा रहा है कि इस गड़बड़ी में ट्रांसपोर्टर के साथ परियोजना से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। एनटीपीसी तिलईपाली के कामकाज में समय-समय पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। बड़े स्तर पर यह खेल एनटीपीसी की साख को सवालों के घेरे में खड़ा करता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
यह मामला गंभीर जांच की मांग करता है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से अपील की जा रही है कि कोयले के इस गोरखधंधे पर सख्त कार्रवाई की जाए।

एनटीपीसी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के तहत इस प्रकार की अनियमितताएं न केवल पारदर्शिता को आघात पहुंचाती हैं, बल्कि परियोजना की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।




