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ब्‍लड कैंसर से पीड़ि‍ता इशिका बनी छत्‍तीसगढ़ बोर्ड 10वीं की टॉपर, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा शासन उठाएगा इलाज का पूरा खर्च

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इशिका बाला के पिता शंकर बाला ने बताया पिछले सत्र तिमाही परीक्षा के दौरान इशिका की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई नाक से खून बह रहा था। इलाज के दौरान ब्लड कैंसर होने का पता चला। मेरी आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है मेरी पुत्री के इलाज के लिए स्कूल, ग्राम, परिजनों ने आगे बढ़कर मदद किया अब तक पंद्रह लाख रुपए से अधिक का खर्चा हुआ है।

By Navodit Saktawat

Publish Date: Wed, 07 May 2025 08:06:35 PM (IST)

Updated Date: Thu, 08 May 2025 07:22:33 AM (IST)

इशिका बाला।

पखांजुर। ब्‍लड कैंसर से पीड़ित छात्रा ने दसवीं छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा 2025 छत्तीसगढ़ मेरिट लिस्ट में परलकोट क्षेत्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर की छात्रा इशिका बाला 99.17 अंक लाकर छत्तीसगढ़ राज्य 10 वीं बोर्ड परीक्षा के मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

बता दें कि कुमारी इशिका बाला पिता शंकर बाला, माता श्रीमती इति बाला ग्राम पी व्ही 51निवासी है, इनके परिवार में माता पिता चार बहन एक भाई कुल सात लोग है। इनके परिवार में आय का मुख्य स्रोत कृषि है। सभी भाई बहन पढ़ाई में मेधावी है। इशिका ने कक्षा 8 वीं एवं 9 वीं की वार्षिक परीक्षा में 98 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।

ज्ञात हो कि छात्रा इशिका बाला पिछले दो साल से ब्लड कैंसर रोग से पीड़ित है जिस कारण पिछले सत्र वह वार्षिक परीक्षा नहीं दिला पाई थी, परीक्षा ना दे पाने की स्थिति में परिवार में मायूस थी परंतु बहादुर छात्रा और उसके परिवार वालों ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और इस सत्र में कैंसर से जंग लड़ते हुए 10 वीं बोर्ड परीक्षा दिलाई।

इशिका बाला के पिता शंकर बाला ने बताया पिछले सत्र तिमाही परीक्षा के दौरान इशिका की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई नाक से खून बह रहा था। इलाज के दौरान ब्लड कैंसर होने का पता चला। मेरी आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है मेरी पुत्री के इलाज के लिए स्कूल, ग्राम, परिजनों ने आगे बढ़कर मदद किया अब तक पंद्रह लाख रुपए से अधिक का खर्चा हुआ है।

इसमें इंडियन कैंसर सेंटर मुंबई से तीन लाख, आयुष्मान कार्ड से एक लाख का सहायता मिला है। अभी रायपुर के बालकों मेडिकल में इलाज जारी है। मेरी पुत्री के इलाज में सहयोग करने वाले सभी सज्जनों का आभार व्यक्त करता हूं।

छात्र इशिका बाला से बात करने पर उन्होंने बताया मेरी इस सफलता में मेरे माता, पिता, दोस्तों, शिक्षक, शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिन्होंने कैंसर रोग से ग्रसित होने के बावजूद हर कदम पर मेरा मनोबल बनाए रखा है, मेरी दिली इच्छा है कि सिविल सर्विसेस (आईएएस) अधिकारी बनू।

प्राचार्य अरुण कुमार कीर्तनिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर से बात करने पर उन्होंने बताया इशिका बाला बहुत ही हिम्मतदार छात्रा है, बचपन से ही मेधावी छात्रा रही है, कैंसर रोग से पीड़ित होने के पश्चात अपनी पूरी मेहनत से आज पूरे राज्य में अपना और गोंडाहुर स्कूल का नाम रोशन किया है।

स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्याम बिहारी जायसवाल का कहना है, छात्रा इशिका बाला गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद पूरे प्रदेश में एक मिसाल कायम की है,अब से इशिका बाला के इलाज का संपूर्ण खर्चा शासन उठाएगा।



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