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ATR Tiger Reserve: अचानकमार टाइगर रिजर्व में बढ़ेगी बाघों की संख्या, मार्च में मध्य प्रदेश से आएंगी 3 बाघिन

15 अगस्त विज्ञापन


ATR Tiger Reserve: अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में जल्द ही बाघों की और दहाड़ सुनने को मिलेगी। यहां प्रथम चरण में मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से 3 बाघिन को मार्च में लाया जाएगा। इसके लिए 90 लाख रुपए का बाडा़ बनाया जा रहा है। इसके पूरा होते ही बाघिनों को लाने के बाद कुछ दिन बाड़े में रखा जाएगा। कॉलर आईडी लगाकर जंगलों में छोड़ा जाएगा। साथ ही शिकारियों से बचाने और विचरण क्षेत्र पर ऑफलाइन और ऑनलाइन नजर रखी जाएगी।

ATR Tiger Reserve: बाघों का संरक्षण एवं संवर्धन

वन विभाग के अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके लिए कान्हा जाकर शिफ्ट करने वाले बाघिनों को चिन्हांकित कर लिया है। उन्हें ट्रेंक्यूलाइज के बाद स्वास्थ्य की जांच कर शिफ्ट करने की दस्तावेजी खानापूर्ति की जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार की पहल पर राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा बाघों को शिफ्ट करने की अनुमति दी गई है ताकि छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उनका संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सके। साथ ही उनकी संख्या बढ़ाई जा सके।

यूएसटीआर को करना पड़ेगा इंतजार

राज्य के सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व में 3 बाघ को लाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें 1 नर और दो मादा बाघ शामिल हैं। इसके लिए यूएसटीआर में बाड़ा बनाया जाना प्रस्तावित है लेकिन, नियमानुसार प्रस्ताव नहीं भेजने के कारण फिलहाल यहां बाघों को दूसरे चरण में लाया जाएगा। इसके लिए यूसटीआर के अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए गए है। बताया जाता है कि बाघों की गणना का काम पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ के साथ ही ओडिशा और राजस्थान को बाघ स्थानांतरित किया जाएगा।

बाघिन लाने की तैयारी

एटीआर में 3 बाघिन को लाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए 90 लाख रुपए का अत्याधुनिक बाडा़ बनाया जा रहा है। इसके पूरा होते ही टीम बाघ लेने के लिए मध्यप्रदेश जाएगी। दूसरे चरण में यूएसटीआर में बाघ लाने की योजना है- अरूण पांडेय, एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ

राज्य में इतने बाघ

ATR Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ के जंगलों में 2022 के दौरान हुई गणना के अनुसार 17 बाघों के होने की रिपोर्ट जारी की गई थी। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इनकी संख्या दोगुनी 35 होने का दावा कर रहे हैं। इस समय एनटीसीए के निर्देश पर बाघों की गणना का काम चल रहा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इसकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद एनटीसीए को भेजी जाएगी।

जहां रिपोर्ट की जांच और भेजे गए डेटा का एनालिसिस कर वास्तविक आंकड़ों को जारी किया जाएगा। बता दें कि 2022 के दौरान हुई गणना के अनुसार देशभर में सबसे ज्यादा 785 बाघ मध्यप्रदेश में मिले थे। वहीं, दूसरे नंबर पर कर्नाटक में 563, उत्तराखंड में 560 और महाराष्ट्र में 444 बाघ हैं।



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