बिलासपुर में शक्कर व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमा, 1000 क्विंटल से ज्यादा रखने पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर में शक्कर की जमाखोरी रोकने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापारियों के लिए शक्कर के भंडारण की सीमाएं तय कर दी गई हैं। इन नए नियमों के तहत, कोई भी व्यापारी एक समय में 1000 क्विंटल से अधिक शक्कर का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही, जितनी मात्रा में शक्कर का स्टॉक रखा गया है, उसे 15 दिन से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी। इन कड़े नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह संशोधित आदेश केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के बाद आया है, जिसका मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन में शक्कर की संभावित किल्लत की समस्या से निपटना है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टर्स को इन नियमों की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम बाजार में शक्कर की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए उठाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत, शक्कर के डीलर, ट्रेडर, थोक विक्रेता और मिलरों को सरकार के स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शुक्रवार को सभी संबंधित व्यापारियों को अपने शक्कर के स्टॉक की अद्यतन जानकारी इस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इस प्रक्रिया से शक्कर के अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने और बाजार में इसकी वास्तविक उपलब्धता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
खाद्य संचालनालय ने सभी जिला कलेक्टर्स को अपने-अपने जिले के शक्कर व्यापारियों की बैठक बुलाकर उन्हें नई स्टॉक सीमा और संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी देने को कहा है। इसके साथ ही, राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और निगरानी करें। जांच के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित सीमा से अधिक शक्कर पाई जाती है या स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार के संशोधित आदेश जारी होने के बाद, खाद्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आदेश के अनुसार, अब कोई भी व्यापारी एक समय में 1000 क्विंटल से अधिक शक्कर का भंडारण नहीं कर सकेगा, और न ही स्टॉक मिलने के 15 दिन से अधिक समय तक शक्कर को अपने पास रख पाएगा। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कानूनी दंड का प्रावधान है।
बिलासपुर जिले में शक्कर के कुल 15 स्टॉकिस्ट पंजीकृत हैं। नई व्यवस्था के तहत, इन सभी स्टॉकिस्टों को भी निर्धारित सीमा के भीतर ही शक्कर का स्टॉक रखना होगा और हर सप्ताह इसकी अद्यतन जानकारी पोर्टल पर देनी होगी। खाद्य विभाग इन व्यापारियों के भौतिक स्टॉक और पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी का नियमित रूप से मिलान करेगा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी पंजीकृत स्टॉकिस्टों को अधिकतम 1000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रखने और हर सप्ताह उसका हिसाब देने के निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य और राजस्व विभाग के अधिकारी इसकी गहन निगरानी करेंगे और केंद्र सरकार के आदेशों का पालन न करने पर कड़ी चेतावनी दी गई है।



