बालोद में 13 साल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 12 दिन बाद मां को बताई आपबीती

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक 13 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना रनचिरई थाना क्षेत्र की है, जहां 14 अक्टूबर की शाम पेन खरीदने निकली बच्ची को गांव के तीन युवकों ने कथित तौर पर जबरन एक घर में ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची उसी रात बेहोशी की हालत में एक परिचित के घर मिली थी।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता गांव के सरकारी पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा है। 14 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह पेन खरीदने के लिए दुकान जाने की बात कहकर अपने घर से निकली थी। जब रात 8 बजे तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 11 बजे परिवार को सूचना मिली कि गांव के कुछ युवक बच्ची को एक परिचित के घर बेहोशी की हालत में लेकर आए हैं। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उसे गुंडरदेही अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अगले दिन उसे घर लाया गया।
घर लौटने के बाद से बच्ची लगातार डरी-सहमी और गुमसुम रहने लगी थी। परिजनों के लगातार पूछने पर, घटना के ठीक 12 दिन बाद, 26 अक्टूबर को उसने अपनी मां को आपबीती बताई। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि तीन युवक उसे एक मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में ले गए थे और दरवाजा बंद कर उसके साथ जबरदस्ती की।
अपनी बेटी की आपबीती सुनने के बाद, पीड़िता की मां ने 27 अक्टूबर को परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ रनचिरई थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2), 137(2) और 127(2) के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 4(2) और 6 के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत दर्ज होने के अगले ही दिन, 28 अक्टूबर को पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों की उम्र 17 से 22 साल के बीच है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इनमें से कुछ ने 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था, जबकि कुछ ने 8वीं तक की शिक्षा प्राप्त की थी। हालांकि, इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।



