सुकमा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा बरामद

बस्तर के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के बीच सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटकों के एक बड़े डंप का पता लगाया है। इस बरामदगी से सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक महत्वपूर्ण खुफिया ठिकाने तक पहुंच बनाई है, जिससे उनकी विध्वंसक योजनाओं को विफल करने में मदद मिली है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 27 अक्टूबर को आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली विशिष्ट सूचना के आधार पर की गई। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए जिला बल, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम ने तत्काल एक व्यापक एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान शुरू किया। दुर्गम जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में गहन तलाशी के दौरान, टीम को पहले से छिपाकर रखा गया यह डंप मिला।
डंप की जांच करने पर, सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली गतिविधियों में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरण मिले। बरामद सामग्री में सबसे महत्वपूर्ण पांच किलोग्राम और तीन किलोग्राम वजन के दो टिफिन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) शामिल हैं, जो नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए अक्सर इस्तेमाल किए जाते हैं।
विस्फोटक सामग्री में 14 जिलेटिन रॉड और 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर भी शामिल थे, जिनका उपयोग आईईडी और अन्य विस्फोटक उपकरणों को तैयार करने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, लगभग 30 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 15 मीटर सेफ्टी फ्यूज और लगभग 100 मीटर इलेक्ट्रिक वायर भी बरामद किया गया, जो विस्फोटकों को जोड़ने और सक्रिय करने के लिए आवश्यक होते हैं।
डंप से विभिन्न प्रकार के कारतूस भी मिले हैं, जिनमें 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही, सात बड़े और सात छोटे बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) कारतूस भी बरामद हुए हैं, जो नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
विस्फोटकों और गोला-बारूद के अलावा, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले संचार उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की है। इनमें एक वायरलेस सेट, संचार उपकरणों की बैटरियां, चार्जर, बीजीएल सेल निप्पल, डीसी चार्जर, एक मैगजीन पाउच, नक्सली वर्दी और एक नीले रंग का प्लास्टिक कंटेनर शामिल हैं। कुल मिलाकर, डंप से 23 प्रकार की सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सटीक जानकारी इस सफलता का आधार बनी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगलों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खतरनाक विस्फोटकों को बरामद कर क्षेत्र में संभावित खतरे को कम करना है। सुरक्षा बल दुर्गम इलाकों में अपनी सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान को आगे भी जारी रखेंगे ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




