हसदेव नदी के उद्गम मेण्ड्रा में तकनीकी सर्वे शुरू होगा

भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर कोरिया जिले में विकास कार्यों की लेटलतीफी और लापरवाही को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। हसदेव नदी के उद्गम स्थल मेण्ड्रा को संवारने की कवायद के साथ, प्रशासन ने अब उन ग्राम पंचायतों पर निगरानी शुरू कर दी है, जिन्होंने सरकारी खजाने से एडवांस राशि तो निकाल ली, लेकिन बीते दो सालों में निर्माण स्थल पर एक ईंट तक नहीं रखी। कलेक्टर रोक्तिमा यादव के कड़े रुख के बाद, जिला पंचायत सीईओ योगेंद्र श्रीवास ने सोनहत में समीक्षा बैठक के दौरान ऐसी डिफाल्टर पंचायतों के खिलाफ सीधे शासकीय राशि वसूली के प्रकरण दर्ज करने का फरमान जारी किया है। सोनहत जनपद सभागार में तकनीकी टीम और अधिकारियों की मैराथन बैठक में सीईओ ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी योजना में कोताही अब बर्दाश्त नहीं होगी। अगस्त का अल्टीमेटम: अधूरे शौचालय इसी महीने पूरे होंगे स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले दो सालों से अधूरे पड़े या धीमी गति से चल रहे सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर सीईओ ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तकनीकी अमले को दो टूक शब्दों में अगस्त अल्टीमेटम दिया है। इसके तहत पुराने सभी निर्माण कार्य इसी महीने गुणवत्ता के साथ पूरे करने होंगे। इसके अलावा, स्कूलों और आदिवासी आश्रमों में छात्राओं की सुविधा के लिए बालिका शौचालयों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रशासकीय स्वीकृति के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए मुक्तिधाम निर्माण भी अविलंब शुरू कराने को कहा गया है।




