17 साल पुराने रिश्ते का दर्दनाक अंत, पत्नी ही निकली पति की हत्यारिन

रविवार रात हुई इस सनसनीखेज घटना में मृत पन्ना राठिया पिता पुरणो राठिया 44 वर्ष मूलतः रायगढ़ जिले के बादपाली गांव के रहने वाले थे। …और पढ़ें
HighLights
- करीब 17 वर्ष पहले चार बच्चों की मां मथुरा यादव से प्रेम संबंध बना था।
- मथुरा अपने पति चैतराम और बच्चों को छोड़कर पन्ना के साथ रहने लगी।
- दोनों पति-पत्नी की तरह जीवन बिता रहे थे। दोनाे में विवाद भी होता था।
नईदुनिया न्यूज, बिश्रामपुर। प्रेम, विवाद और शक की उलझी परतों में छिपी हत्या की गुत्थी को सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया। डेडरी गांव में रविवार रात हुए अंधे कत्ल का राज तब खुला जब शक की सुई मृतक की कथित पत्नी पर जा टिकी और सख्ती से पूछताछ में उसने ही वारदात कबूल कर ली।
रविवार रात हुई इस सनसनीखेज घटना में मृत पन्ना राठिया पिता पुरणो राठिया 44 वर्ष मूलतः रायगढ़ जिले के बादपाली गांव के रहने वाले थे।
करीब 17 वर्ष पहले उनका गांव की ही चार बच्चों की मां मथुरा यादव से प्रेम संबंध बना था। मथुरा अपने पति चैतराम और बच्चों को छोड़कर पन्ना के साथ डेडरी आकर रहने लगी थी।
दोनों पति-पत्नी की तरह जीवन बिता रहे थे। वे हीरालाल सिंह के खेत में बने मकान में रहते थे, जहां पन्ना ट्रैक्टर चलाने और खेती का काम करता था। हालांकि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
घटना वाली रात मथुरा ने पड़ोसियों को बताया था कि वह तालाब पर मोटर बंद करने गई थी और लौटकर देखा तो पन्ना खून से लथपथ पड़ा था। उसके सिर पर भारी वस्तु से दो वार किए गए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लगातार पूछताछ में जब उसके बयान उलझने लगे तो पुलिस का शक गहराया और सख्ती बरतते ही मथुरा टूट गई।
डंडे से किए कई वार, हुई मौत
- आरोपित महिला ने बताया कि रात करीब दस बजे पन्ना ने तालाब जाकर मोटर का पाइप बदलने को कहा।
- मना करने पर उसने मारपीट की धमकी दी, जिससे गुस्से में उसने डंडे से उसके सिर पर वार कर दिया। खून से लथपथ घायल पन्ना कपड़े बदलने अंदर गया तो उसने फिर हमला कर दिया।
- वह गिर पड़ा और बाद में उसकी मौत हो गई। खुद को बचाने के लिए उसने झूठी कहानी गढ़ी थी।
- पुलिस ने हत्यारोपित मथुरा यादव (55) की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर पुलिस ने उसे बीएनएस की धारा 103(1) के तहत गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।
- जहां से उसे अंबिकापुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सकलूराम भगत व उनकी टीम की अहम भूमिका रही।




