Weather: छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ से रातें होंगी थोड़ी गर्म, शीतलहर से मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले तीन दिनों में रात के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। इससे लोगों को शीतलहर से कुछ राहत मिल सकती है।
बीते दिनों रायपुर और दुर्ग के आउटर इलाकों सहित सरगुजा संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। आउटर क्षेत्रों में रातें बेहद सर्द रहीं, वहीं शहरों में भी सुबह के समय कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। खासतौर पर सरगुजा, मैनपाट और बलरामपुर जैसे इलाकों में तापमान शून्य डिग्री के आसपास पहुंचने से कई जगहों पर पाला जमने की स्थिति बनी।
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी का पहला पखवाड़ा तीखी ठंड के नाम रहा, लेकिन अब दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ठंड की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी। अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट की संभावना कम है और 26 जनवरी तक किसी बड़े कोल्ड वेव सिस्टम के असर में आने की संभावना नहीं जताई गई है। इसके अलावा सूर्य की स्थिति उत्तरायण की ओर बढ़ने से दिन की अवधि में इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा। दिन लंबे होने के साथ ही ठंड का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद है।
शीतलहर का अलर्ट अब भी बरकरार
हालांकि राहत के संकेतों के बीच मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है। ऐसे में सुबह और रात के समय ठंड से बचाव जरूरी बताया गया है। इस बार रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में ठंड तो पड़ी, लेकिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2019 में 1 जनवरी को रायपुर का न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं माना इलाके में इस सीजन जैसी ठंड की स्थिति पिछले करीब 15 वर्षों में देखने को नहीं मिली थी।



