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सुशासन तिहार: सीएम बोले- शिकायतों के निपटारे के लिए पेशियों की न दें बार-बार तारीख, अफसरों को दिए सख्त हिदायत

15 अगस्त विज्ञापन


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। सीएम ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।



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