अपराध

सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट का दोषी माना, 8 अक्टूबर को सजा

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी हत्याकांड मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट का दोषी माना है। मामले में सजा 8 अक्टूबर को सुनाई जाएगी। डबल मर्डर केस की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी।

वहीं दूसरे मामले में हेड कॉन्स्टेबल उदय सिंह पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश के केस में कोर्ट ने आरोपियों को 10 साल की सजा सुनाई है।

14 अक्टूबर 2024 को हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की आरोपियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या से पहले पत्नी से रेप किया, फिर चाकू से मारा। बेटी के कपड़े उतारे और धारदार हथियार से मार डाला। लाशों को नग्न हालत घर से 5 किलोमीटर दूर फेंक दिया था।

कोर्ट से निकलते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू हंसते हुए बाहर आया और उसने स्माइली शाइन के साथ पत्रकारों को वीडियो बनाने कहा।

हत्याकांड की वजह बने विवाद की शुरुआत के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2024 की रात शहनाज अख्तर का जगराता कार्यक्रम था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का नवापारा के कुछ लड़कों से झगड़ा हुआ था। 2 दिन बाद पुलिस संदीप साहू को भाजपा नेताओं के दबाव में उठाकर ले गई। इसके बाद थाने में बेदम पीटा। हालांकि, संदीप साहू के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसे लेकर कुलदीप साहू भड़का हुआ था।

कुलदीप साहू ने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को टारगेट किया। इसमें पुलिसकर्मी भी शामिल था, जिसकी पत्नी और बेटी की हत्या हुई। उससे कुलदीप का पुराना विवाद भी था।

13 अक्टूबर 2024 की शाम आरोपी कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ पुराना बस स्टैंड में बैठा था। रात करीब 9 बजे कॉन्स्टेबल घनश्याम सोनवानी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने जिला बदर किए गए कुलदीप साहू को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान कुलदीप साहू ने आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल डाल दिया था।

पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर 13 अक्टूबर को कुलदीप को खोजने के लिए हेड कॉन्स्टेबल भी निकला था। इस दौरान कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने की भी कोशिश की थी।

13 अक्टूबर की ही शाम कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल को तलवार से काटने की धमकी दी। इसके बाद रात होते ही हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। घर में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी से रेप किया, फिर चाकू से काटा। इसके बाद बेटी को चाकू से काटा और कपड़े उतारकर दोनों की लाशें घर से 5 किलोमीटर दूर फेंक दिए।

हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी के बाद रात में जब घर पहुंचा तो खून ही खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी घर में नहीं थे। दीवारें और फर्श खून से सना हुआ था। रातभर पत्नी-बेटी को हेड कॉन्स्टेबल रातभर खोजता रहा, लेकिन नहीं मिले। 14 अक्टूबर को घर से 5 किलोमीटर दूर नग्न हालत में लाशें मिलीं थीं।

वारदात की रात पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की थी। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू ने तत्कालीन विश्रामपुर थाना प्रभारी की टीम पर फायरिंग की थी और भाग निकला था। कुलदीप साहू भागकर झारखंड चला गया था। एनकाउंटर के डर से वह लौट रहा था। बलरामपुर पुलिस टीम ने उसे बस स्टैंड में उतारकर पकड़ लिया था।

वारदात के बाद आक्रोशित लोगों ने कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीड़ उग्र हो गई थी। इसके बाद सरगुजा आईजी ने पुलिसकर्मियों के साथ मार्च निकाला था।

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