समाधान शिविर में 727 आवेदनों का हुआ निराकरण, 21 से 31 में विशेष कार्यक्रम आयोजित.. | 727 applications were resolved Samadhan camp

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर न केवल एक शासक थी, बल्कि एक प्रेरणादाई व्यक्तित्व थी, जिन्होंने 18वीं सदी में महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। देवी अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चांडी गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता मनकोजी शिंदे ने उन्हें शिक्षा और नैतिक मूल्यों का महत्व सिखाया।
CG News: इन चार जिलों में हुआ नए महिला थाने का शुभारंभ, CM साय ने कही ये बात
CG News: महापौर, एमआईसी व पार्षदगण ने किया शिविर का अवलोकन
CG News: मालोजी राव होलकर से विवाह के बाद में वे होलकर वंश का हिस्सा बनी। पति और ससुर मल्हार राहुल कर की मृत्यु के बाद 1767 में उन्होंने मालवा का शासन संभाला। उस समय एक महिला का शासक बना असाधारण था, लेकिन अहिल्याबाई ने अपनी बुद्धिमत्ता और दृढ़संकल्प से सभी चुनौतियों को पार किया। कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य मुक्तिनाथ बबुआ एवं पार्षद त्रिनिशा चौहान ने भी देवी अहिल्याबाई के जीवन की विरासत, प्रशासनिक कुशलता एवं समाज सुधारो से संबंधित तथ्यों एवं जीवन पर प्रकाश डाला।




