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सरगुजा में नवविवाहिता की चूहा मारने की दवा खाने के बाद मौत, मायके पक्ष ने लगाए प्रताड़ना और मारपीट के आरोप

15 अगस्त विज्ञापन

सरगुजा जिले के मैनपाट थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने चूहे मारने की दवा खा ली, जिसके बाद मंगलवार को अंबिकापुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की शादी महज 4-5 महीने पहले ही हुई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम और नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे और पिता समेत परिजनों के बयान दर्ज किए।

जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव (20) की शादी 1 मई 2026 को सामाजिक रीति-रिवाज से मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव के साथ हुई थी। परिजनों के मुताबिक, घटना से दो दिन पहले यानी 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजा था, जिसमें उसने लिखा कि वह जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए।

व्हाट्सऐप पर मैसेज मिलने के कुछ समय बाद अजय यादव ने ससुर उमेश यादव को कॉल कर बताया कि वर्षा की तबीयत बिगड़ गई है और वह उसे लेकर मिशन हॉस्पिटल, अंबिकापुर जा रहे हैं। सूचना मिलने पर उमेश यादव अंबिकापुर पहुंचे। चूहा मारने की दवा खाने के बाद वर्षा की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया।

19 सितंबर को वर्षा ने पिता से कथित तौर पर कहा कि ससुराल वाले उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं करते। इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।

नवविवाहिता की मौत की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे और पिता समेत परिजनों के बयान दर्ज किए। वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं।

उमेश यादव ने बताया कि 15 सितंबर को बेटी ने फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। पिता के मुताबिक, वर्षा ने बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई। उसके पति ने कथित तौर पर पेट पर चढ़कर उसका गला दबाने की कोशिश भी की। वर्षा की बात सुनने के बाद पिता ने उसे समझाया था और कहा था कि पति-पत्नी के बीच कभी-कभी छोटे-मोटे विवाद हो जाते हैं। उन्होंने बेटी से कहा था कि वह जल्द ही दोनों से मिलकर बात करेंगे। परिवार को उस समय अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।

पिता ने बताया कि बेटी एम.एससी. की पढ़ाई करना चाहती थी। ससुराल वालों की सहमति के बाद उसकी पढ़ाई आगे जारी रखने की बात तय हुई थी।

मामले में नायब तहसीलदार लखेश्वर सिदार ने बताया कि मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मारपीट और पैसों के लेन-देन को लेकर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक मारपीट की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

इस पूरे मामले में मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस भी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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