
गौरीशंकर गुप्ता /रायगढ़: रायगढ़ जिले में पुलिस ने ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत अभूतपूर्व कार्रवाई शुरू की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पिछले 45 दिनों में कुल 1467 लंबे समय से लंबित वारंट निष्पादित किए गए। इनमें 1211 गिरफ्तारियां शामिल हैं, जिससे अपराधियों में भय का माहौल है।
यह अभियान 1 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसमें फरार आरोपियों, हिस्ट्रीशीट अपराधियों और पुराने मामलों के गुनहगारों को निशाना बनाया गया। जिले के सभी थानों, साइबर सेल और विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। खासकर लैंड डिस्प्यूट, चोरी, मारपीट और नाबालिग मामलों में फरार चल रहे 500 से अधिक आरोपी पकड़े गए। कापू पुलिस ने एक लंबे समय से फरार आरोपी को जमीन विवाद के मामले में गिरफ्तार किया, जो वर्षों से भूमिगत था।
SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी फरार अपराधी जिले में सांस नहीं लेगा। ऑपरेशन के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों की सूचना और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा लिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पुसौर, लैलूंगा, खरसिया और शहर के कोतवाली इलाके में विशेष फोकस रहा। एक ही रात में 200 वारंट निष्पादित करने का रिकॉर्ड बना। अपराधियों के परिजनों से भी पूछताछ की गई, जिससे कई छिपे हुए नाम सामने आए।
इस अभियान से संपत्ति विवाद, गुंडागर्दी और छोटे-मोटे अपराधों पर लगाम लगी है। पिछले महीने ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की सफलता के बाद यह तीसरा बड़ा कदम है। SSP ने गुंडों को चेतावनी दी कि अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। होली से पहले यह कार्रवाई अपराध दर 25% घटाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। जिले के 17 नाबालिग गुमशुदगी मामलों को भी हल किया गया।
पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक में SSP ने टीमों को बधाई दी। अब अगले चरण में हिस्ट्रीशीट अपराधियों पर नजर रखी जाएगी। ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस की नई रणनीति का हिस्सा है, जो अपराधमुक्त जिला बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।




