
रायगढ़ : रायगढ़ जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायके निर्देशानुसार अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले 15 दिनों में प्रशासन ने 30 प्रकरणों में कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है। इसका अनुमानित मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
यह कार्रवाई सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी के बीच हुई है, जहां 24 घंटे तीन-तीन शिफ्टों में अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात करके अवैध गतिविधियों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं जो अवैध धान भंडारण और परिवहन के मामलों की जांच में लगे हैं।
रायगढ़ जिले में कुल 105 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील क्षेत्र का दर्जा मिला है। ये केंद्र किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में पारदर्शिता और सुविधा प्रदान करते हैं। किसानों के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, जिससे वे नकद राशि आसानी से प्राप्त कर सकें।
प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और परिवहन में संलिप्त दोषियों के खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में श्रम विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस एक साथ मिलकर काम कर रहा है और संयोजित प्रयासों से अवैध क्रियाकलापों का निवारण कर रहा है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस थाना या तहसील में दें ताकि कार्रवाई तेज की जा सके। प्रशासन का लक्ष्य एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त धान खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध धान की बरामदगी हुई है, जिनमें खास तौर पर रबी सीजन का पुराना धान भी शामिल है। इसके साथ ही बिचौलियों और कोचियों की मिलीभगत से खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताएं होने की भी जानकारी मिली है, जिस पर प्रशासन गंभीरता से ध्यान दे रहा है।
यह कार्रवाई किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह उन्हें उचित मूल्य दिलाने में सहायक होगी और एक अनुशासित मार्केट व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। वहीं, प्रशासन लगातार निगरानी बढ़ा रहा है ताकि भविष्य में अवैध धान भंडारण और परिवहन की गतिविधियां रोकी जा सकें।




