
गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़ : रायगढ़ शहर में होली के त्यौहार से पहले अमन-चैन बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को कुचलने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस कार्यालय में 100 से अधिक आदतन अपराधी, गुंडा-बदमाश और निगरानी पर रखे गए अपराधियों को लाइन में खड़ा कर उन्हें ‘अंतिम चेतावनी’ दी गई। एसएसपी के सख्त तेवर देखकर सबके पसीने छूट गए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि होली के दौरान शहर में कोई हुड़दंग, मारपीट या अपराध हुआ, तो सभी आरोपी जेल की सैर जरूर करेंगे।
यह कार्रवाई होली जैसे प्रमुख त्यौहार से ठीक पहले की गई, जब शहर में शराब के नशे में झगड़े, फायरिंग और गुंडागर्दी की घटनाएं आम हो जाती हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बैठक की शुरुआत में ही सभी बदमाशों को चेतावनी दी कि पुलिस हर गली-मोहल्ले में मुस्तैद रहेगी। उन्होंने कहा, “शहर में शांति भंग करने वालों को अब कोई छूट नहीं मिलेगी। होली पर कोई भी घटना हुई तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।” बैठक में थाना प्रभारी, एसआई और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने बदमाशों के पुराने रिकॉर्ड पढ़कर उन्हें हिदायतें दीं।
पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना है। निगरानी रजिस्टर में दर्ज 100 से ज्यादा नामों वाले अपराधियों को बुलाया गया, जिनमें चोरी, मारपीट, शराब तस्करी और दंगा फैलाने के मामले शामिल हैं। एसएसपी ने प्रत्येक बदमाश से व्यक्तिगत बात की और उनके मोहल्ले के लोगों से शिकायतें सुनीं। एक बदमाश ने बताया कि उन्हें साफ कह दिया गया कि होली पर घर से बाहर न निकलें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। यह पहली बार नहीं है जब रायगढ़ पुलिस ने त्यौहारों से पहले ऐसी रणनीति अपनाई है, लेकिन इस बार चेतावनी का लहजा बेहद सख्त था।
होली 2026 का त्यौहार 3 मार्च को है, और शहर में पहले से ही उत्साह का माहौल है। लेकिन पिछले वर्षों में होली पर गुंडागर्दी की कई घटनाएं हुईं, जिनमें नशे में युवाओं द्वारा मारपीट, बाइक स्टंट और फायरिंग शामिल थी। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि सभी थानों पर विशेष दलों का गठन किया जाए। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई जाएगी और ड्रोन से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, शराब दुकानों पर सख्ती बरती जाएगी और अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी होगी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। एक व्यापारी ने कहा, “पिछले साल होली पर बाजार में हुड़दंग हुआ था, इस बार एसएसपी साहब की चेतावनी से मनोबल बढ़ा है।” महिलाओं और बुजुर्गों ने भी मांग की कि त्यौहार शांतिपूर्ण हो। पुलिस ने मोहल्ला समितियों के साथ बैठकें भी शुरू कर दी हैं, जहां वार्डवासी अपराधियों पर नजर रखेंगे। एसएसपी ने अपराधियों को हिदायत दी कि वे होली पर सामाजिक कार्य करें, जैसे रंग बांटना या सफाई अभियान में भाग लेना।
रायगढ़ पुलिस का यह कदम छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण है। एसएसपी शशि मोहन सिंह पिछले छह माह से अपराध दर घटाने में सफल रहे हैं। उनकी अगुवाई में चोरी, लूट और मारपीट के मामले कम हुए हैं। होली के बाद पुलिस रिपोर्ट कार्ड जारी करेगी, जिसमें अपराध-मुक्त त्यौहार पर जोर दिया जाएगा। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि इस चेतावनी से गुंडे सुधर जाएंगे और होली खुशी से मनाई जाएगी।
पुलिस ने चेतावनी के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। लोग 100 या 112 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। एसएसपी ने कहा, “होली का रंग खुशियों का हो, हिंसा का नहीं।” यह अभियान न केवल बदमाशों को सुधारने का प्रयास है, बल्कि शहर को अपराध-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।




