रायपुर में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 पर FIR, सड़क जाम और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी का आरोप

राजधानी रायपुर में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करना भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया है। ओसीएम चौक के पास मुख्य सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई तब की गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की समझाइश के बावजूद सड़क खाली करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, भीम आर्मी के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले थे। यह प्रदर्शन पुलिस भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी और अन्य मुद्दों को लेकर किया जा रहा था।
मार्च के दौरान कार्यकर्ता ओसीएम चौक पहुंचे और मुख्य मार्ग पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राजधानी की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क जाम होने से मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को घर छोड़ने वाली बसें भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं। इससे मरीजों और स्कूली बच्चों को काफी असुविधा हुई और उनके गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को लाउडस्पीकर के माध्यम से समझाइश दी। उन्हें नवा रायपुर के तूता स्थित निर्धारित धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया, ताकि सार्वजनिक आवागमन बाधित न हो।
हालांकि, पुलिस की बार-बार समझाइश के बावजूद भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डटे रहने का फैसला किया, जिससे यातायात बाधित रहा।
कार्यकर्ताओं के सड़क खाली न करने पर कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा और युवराज ढीढी समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने के इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित धरना स्थल के बजाय मुख्य मार्गों पर प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


