छत्तीसगढ़टॉप न्यूज़राज्य

खरसिया में महिला पत्रकार के घर घुसकर मारपीट का आरोप, भाजपा जिला मंत्री गायत्री केशरवानी सहित 10 लोगों पर गंभीर आरोप

WhatsApp पर गलती से भेजे गए निजी मैसेज से शुरू हुआ विवाद, पत्रकार के माता-पिता से भी मारपीट का आरोप; बच्चों के सामने हुई घटना, CCTV फुटेज होने का दावा

15 अगस्त विज्ञापन

(गौरी शंकर गुप्ता) खरसिया (जिला रायगढ़)। खरसिया में महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। महिला पत्रकार पूजा जायसवाल ने भाजपा की जिला मंत्री गायत्री केशरवानी सहित करीब 10 लोगों पर रात लगभग 8 बजे उनके घर में घुसकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पत्रकार के अनुसार, इस घटना में उनके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई और पूरा घटनाक्रम घर में मौजूद बच्चों के सामने हुआ। घटना के बाद परिवार में भय का माहौल है।

पूजा जायसवाल के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक खबर और WhatsApp मैसेज से हुई। उन्होंने बताया कि सम्मान समारोह से संबंधित एक खबर में गायत्री केशरवानी का नाम और फोटो देखकर उन्होंने वह खबर उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को भेजी थी। इसी दौरान किसी अन्य व्यक्ति के साथ चल रही निजी बातचीत का एक मैसेज गलती से खबर के साथ गायत्री केशरवानी को भी चला गया।

पत्रकार का कहना है कि गलती का एहसास होते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उक्त मैसेज उनके लिए नहीं था, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के साथ हुई बातचीत का हिस्सा था। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद विवाद बढ़ता चला गया।

धमकी और अभद्रता का भी आरोप

पूजा जायसवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें फोन के माध्यम से धमकियां दी गईं और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस और मीडिया को पैसे देकर उन्हें बदनाम करने तथा उनकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी गई।

रात 8 बजे घर में घुसकर मारपीट का आरोप

महिला पत्रकार के अनुसार, रात करीब 8 बजे लगभग 10 लोग उनके घर पहुंचे और घर में प्रवेश कर उनके साथ हाथों और लातों से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके माता-पिता को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी मारपीट कर चोट पहुंचाने का आरोप है। पत्रकार ने बताया कि घटना के दौरान घर में बच्चे मौजूद थे, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने यह पूरा घटनाक्रम देखा। घटना से बच्चे भी डरे हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि उनके घर में CCTV कैमरे लगे हैं और घटना से संबंधित फुटेज उपलब्ध हैं, जिनसे पूरे मामले की जांच में मदद मिल सकती है।

खबर प्रकाशित नहीं करने को लेकर भी विवाद

पूजा जायसवाल ने यह भी कहा कि पत्रकारिता में किसी व्यक्ति की हर गतिविधि या कार्यक्रम की खबर प्रकाशित करना अनिवार्य नहीं है। समाचार का प्रकाशन उसकी समाचारिक महत्ता, जनहित और तथ्यों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खबरें प्रकाशित नहीं करने को लेकर भी उनके प्रति नाराजगी जताई गई।

पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

महिला पत्रकार ने बताया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत की है और FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पूजा जायसवाल का कहना है कि उन्हें किसी से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़नी, बल्कि सिर्फ न्याय चाहिए। उनका सवाल है कि यदि किसी से WhatsApp पर गलती से निजी मैसेज चला जाए और वह अपनी गलती स्वीकार कर माफी भी मांग ले, तो क्या इसके बाद भी किसी को कानून अपने हाथ में लेने और घर में घुसकर मारपीट करने का अधिकार मिल जाता है?

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!